बड़े पैमाने पर “घर-घर रघुवर” नारे का विरोध, भाजपा कार्यकर्ताओं-समर्थकों में बढ़ रहा आक्रोश
“कमल” से अधिक मंजूर नहीं, रघुवर तेरी खैर नहीं, नारे भी अब सोशल साइट पर तैरने लगे हैं। कल तक जो भाजपा नेताओं व समर्थकों को लेकर सोशल साइट पर सबसे उलझ जाते थे, आज वे भी रघुवर दास को अपना नेता मानने को तैयार नहीं, उनका कहना है कि रघुवर को इस विधानसभा में आगे बढ़ाने से भाजपा को ही सर्वाधिक नुकसान होगा, क्योंकि झारखण्ड भाजपा में रघुवर से भी ज्यादा कई लोकप्रिय नेता है,
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