अपने हृदय को आश्रम बनाइये, जहां प्रेम, शांति, ध्यान हो, जहां आप मौन रहकर, ईश्वर के साथ खुद को एकाकार कर सकेः स्वामी चैतन्यानन्द गिरि
परमहंस योगानन्द जी कहा करते थे कि अपने हृदय को आप आश्रम बनाओ, जहां प्रेम हो, शांति हो, ध्यान हो,
Read Moreपरमहंस योगानन्द जी कहा करते थे कि अपने हृदय को आप आश्रम बनाओ, जहां प्रेम हो, शांति हो, ध्यान हो,
Read Moreश्रावण मास के पावन अवसर पर आर्य समाज की प्रधान सुशीला आर्या एवं शत्रुघ्न लाल गुप्ता द्वारा किशोरी मातृ शक्ति
Read Moreमहावतार बाबाजी केवल योग परंपरा के एक रहस्यमय महायोगी नहीं, बल्कि मानवता के आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित उस दिव्य
Read Moreराज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर रथयात्रा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर
Read Moreरांची के योगदा सत्संग आश्रम में आयोजित रविवारीय सत्संग को संबोधित करते हुए स्वामी पवित्रानन्द ने कहा कि आंतरिक शांति
Read Moreयोगदा सत्संग आश्रम के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी ईश्वरानन्द गिरि ने आज योगदा सत्संग आश्रम के श्रवणालय में आयोजित रविवारीय सत्संग
Read Moreरांची स्थित योगदा सत्संग आश्रम में रविवारीय सत्संग को संबोधित करते हुए योगदा सत्संग आश्रम के वरीय संन्यासी स्वामी ईश्वरानन्द
Read Moreज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर इस वर्ष मेरा भगवान जगन्नाथ के दर्शन हेतु पुरी आगमन का यह 50वाँ अवसर
Read Moreरांची स्थित योगदा सत्संग आश्रम में आयोजित रविवारीय सत्संग को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी गौतमानन्द ने योगदा भक्तों को सत्कर्म
Read More