जहां हर दिन जीविका को लेकर चुनौतियों से जूझना पड़ता है। वहां सीमित संसाधनों के बीच यहां के बेटे-बेटियां आज खेल  की दुनियां मे अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रौशन कर रहे हैं, ये कोई सामान्य बात नहीं, बल्कि ये गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री हेमन्त […]

जैसे ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को इस बात की जानकारी मिली की धनबाद की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ईट-भट्ठों में काम कर रही हैं तथा उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं, उन्होंने धनबाद के उपायुक्त को एक ट्विट किया। ट्विट में उन्होंने धनबाद के डीसी को निर्देश दिया कि वे जल्द धनबाद में डे बोर्डिंग फुटबॉल सेन्टर का शुभारम्भ कराने का प्रयास करें। जिसमें संगीता बतौर कोच/ट्रेनर काम करेंगी, इससे उसको नियमित आय भी होगा, साथ ही वह महिला खिलाड़ियों को प्रशिक्षित भी करेगी।

झारखंड के खिलाड़ियों की दुर्दशा की कहानी लॉकडाउन में लगातार उभर कर सामने आ रही है। पिछले एक साल के इस कोविड काल में मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय खिलाडियों को सब्जी बेचते देखने से लेकर तमाम झंझावातों से गुजरते लोगों ने देखा। पहले से ही झारखंड में एक व्यापक खेल-नीति के अभाव में खिलाड़ियों की दुर्दशा जगजाहिर है, उस पर कोरोना महासंक्रमण काल में तो हालात इस कदर खराब हुए, कि घर चलाने के लिए धनबाद की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर संगीता कुमारी को अपनी माँ के साथ ईंट भट्टा में काम करना पड़ रहा है।

धिक्कार ऐसे आयोजन पर, जहां आप खुद के लिए अलग व्यवस्था और दूसरों के लिए निम्नतम स्तर की व्यवस्था करते हैं। जहां आप अपने लिए दो-दो किट (ओपनिंग सेरेमनी और लीग मैच के लिए अलग-अलग) तथा स्पेशल भोजन-जलपान और अन्य लोगों को दोयम दर्जे का किट (जिसमें जूते एक ही खेल में दांत निपोड़ देते हैं) उपलब्ध कराते हैं तथा उन्हें भोजन व जलपान के लिए भी तरसा देते है, धिक्कार आपके द्वारा इस आयोजन पर, जहां लोग आपके ओपनिंग सेरेमनी में जाने से भी कतराते हैं, आप पर सवाल उठाते हैं।

झारखण्ड के वरिष्ठ खेल पत्रकार सुशील सिंह ‘मंटू’ ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, भाजपा नेता बाबू लाल मरांडी, पुलिस महानिदेशक एम वी राव को टैग करते हुए पिछले दिनों सोशल साइट पर एडीजी, सीआइडी शाखा को पूर्व में जारी किये गये अपने पत्र का हवाला देते हुए अपनी भावनाओं को शब्दों में उकेरते हुए, स्वयं के खिलाफ त्वरित जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने जो अपनी बातें लिखी है, वो इस प्रकार है…

झारखण्ड के लाल महेन्द्र सिंह धौनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा क्या कर दी, उनके चाहनेवालों को बहुत बड़ा धक्का लगा, पर किया ही क्या जा सकता है? जब आप किसी पद को ग्रहण करते हैं, तो उसी दिन यह भी सुनिश्चित हो जाता है कि आपको आनेवाले समय में नये भविष्य के लिए, जहां आप है, उसे एक न एक दिन छोड़ना ही है।

आज एक अखबार ने सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एवं भारत के शान महेन्द्र सिंह धौनी से संबंधित फोटो के साथ एक खबर छापी है, खबर यह है कि ‘महाराष्ट्र के नागपुर में भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी ने अपनी क्रिकेट एकेडमी लांच की। यहां पर क्रिकेटर को रहने और अभ्यास करने की सारी सुविधाएं मुहैया कराई जायेगी।’

आशा और ललिता दोनों सगी बहनें हैं। आशा भारतीय फुटबॉल टीम अंडर 19 की खिलाड़ी है, जबकि ललिता झारखण्ड महिला फुटबॉल अंडर 17 की खिलाड़ी है। जब दोनों बहने छोटी थी, उसी वक्त उसके पिता डिलूराम महतो का निधन हो गया। मां पुटकी देवी और भाई मनोज महतो मजदूरी करते हैं, यानी न राज्य सरकार का सहयोग और न ही किसी स्वयंसेवी संस्था का सहयोग, ये दोनों बेटिया अपने संघर्ष से ही अभावों के बीच वह सफलता प्राप्त कर ली,

कल की ही बात है, एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता भारतीय महिला हॉकी टीम की निक्की प्रधान रांची पहुंची हैं, वह आते ही बोलती हैं कि हमारा पूरा प्रयास था, लेकिन हम गोल्ड चूक गये। वह यह भी कहती है उसे इस बात की तकलीफ है कि उसी की टीम के खिलाड़ियों को उनके राज्यों की सरकारें दिल खोलकर अवार्ड देती है, लेकिन झारखण्ड में उसे बहुत कम कैश अवार्ड मिलता हैं।

रांची में आयोजित हो रही झारखण्ड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2018 के दौरान खेलगांव के एथेलेटिक्स स्टेडियम में 26 मई को मुख्य सचिव एकादश एवं फिल्मी सेलिब्रेटी एकादश के बीच सायं 6 बजे से 15-15 ओवरों का क्रिकेट मैच खेला जायेगा। इस क्रिकेट मैच में मुख्य सचिव एकादश टीम की कप्तानी सुधीर त्रिपाठी करेंगे,  जिसमें राज्य के वरीय प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे,

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