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बाल कोना

प्यारे बच्चों, यह शरीर ईश्वर की अमानत है, इस अमानत को बेदाग रखते हुए, उन्हें वापस…

बहुत दिन हो गये, तुमलोगों से खुलकर बात नहीं हुई, आज मैंने सोचा कि तुमलोगों से बातचीत की जाय। तुम जहां भी हो, और जिस…

उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता – विवेकानन्द

बहुत दिनों से तुमलोगों से किसी गंभीर विषय को लेकर बात नहीं हुई, सोचता हूं समय भी है और हमारे देश के एक महान…