अपनी बात

अपनी बात

बिरसा मुंडा की परपोती आश्रिता सड़क दुर्घटना में घायल, स्थिति गंभीर, राज्य सरकार संज्ञान ले

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रतन तिर्की ने सोशल साइट फेसबुक के माध्यम से सूचना दी है कि वीर बिरसा मुंडा की परपोती आश्रिता टूटी गत् 11 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गई। रतन तिर्की के अनुसार, इतनी बड़ी घटना की सूचना किसी अखबार या चैनल या मीडिया हाउस तो दूर, राज्य सरकार तक को नहीं है, उनका कहना है कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस घटना का स्वयं संज्ञान लें और वीर बिरसा मुंडा की परपौती आश्रिता टूटी के बेहतर इलाज में प्रमुख भूमिका निभाएं।

Read More
अपनी बात

मंत्री के खिलाफ रांची प्रेस क्लब के आंदोलन को ज्यादातर अखबारों/पत्रकारों का नहीं मिला सहयोग

झारखण्ड के नगर विकास मंत्री सी पी सिंह के खिलाफ रांची प्रेस क्लब द्वारा चलाये गये दो दिवसीय आंदोलन की हवा निकल गई। रांची प्रेस क्लब द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार चलाये गये इस आंदोलन में दैनिक जागरण को छोड़कर दैनिक भास्कर, प्रभात खबर और हिन्दुस्तान जैसे अखबारों एवं रांची प्रेस क्लब से जुड़े कई अधिकारियों एवं सदस्यों ने दूरियां बनाई। जिसके कारण जो माइलेज इस आंदोलन को मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।

Read More
अपनी बात

सजती है वृद्धों की महफिल रांची जंक्शन के प्लटेफार्म न 4-5 पर, लोग बांटते है अपने सुख-दुख

रांची जंक्शन का प्लेटफार्म नं. 4-5, सायं होते ही रांची रेलवे कॉलोनी, अमरावती कालोनी, कृष्णापुरी, चुटिया के आसपास रहनेवाले नौकरीपेशा से अवकाश प्राप्त वृद्धों का जमावड़ा शुरु होने लगता है। ये इस प्लेटफार्म पर आकर, आराम से इवनिंग वॉक का आनन्द लेते हैं, तथा यह बने चबूतरों पर बैठकर विश्राम करते हुए, विभिन्न प्रकार की सामाजिक – राजनीतिक बातों पर परिचर्चा करने के बाद रात्रि के 8 बजने के पहले अपने घरों की ओर प्रस्थान कर जाते है।

Read More
अपनी बात

शर्मनाक, Me Too आरोपियों के खिलाफ देश एकजुट, पर CM रघुवर Me Too आरोपी के साथ स्थापना दिवस मनायेंगे

भारत में पहली बार, लड़कियों/महिलाओं ने मी टू अभियान के तहत अपने उपर हुए यौन शोषण को जोरदार ढंग से उठाना शुरु किया है, जिसका प्रभाव भी देखने को मिल रहा है, इस मी टू अभियान के शिकार, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, संगीतकार और फिल्मी दुनिया के लोग हो रहे हैं। वर्तमान में जिन-जिन पर मी टू के तहत आरोप लग रहे हैं, उनके जीवन भर की पूंजी यानी इज्जत कूड़ों की अम्बार में सिमटती दिख रही हैं,

Read More
अपनी बात

जेपी के बगुला भगतों ने ही लोकनायक के संपूर्ण क्रांति की हवा निकाल दी…

जेपी के बगुला भगतों ने जितनी दिमाग पद, धन और जमीन बटोरने में लगाई, उतनी दिमाग अगर जेपी के संपूर्ण क्रांति को जमीन पर उतारने में लगाते, तो निःसंदेह देश का नक्शा ही अब तक बदल गया होता, पर जेपी के लोगों को, उनके पदचिन्हों पर चलने का दावा करनेवाले को, संपूर्ण क्रांति में दिलचस्पी कहां, वे तो आजीवन धन इक्ट्ठे करने, मृत्युपर्यंन्त स्वयं और स्वयं के परिवार के लिए पद-धन और जमीन बटोरने में ही अपना जीवन लगा दिया।

Read More
अपनी बात

बीडीओ सुनील ने की ब्लॉक प्रमुख प्रियंका पाठक के साथ बदतमीजी, पति को एससी/एसटी एक्ट में फंसाया

एससी-एसटी एक्ट सचमुच सामान्य वर्गों के लिए भारी पड़ रहा है, बिहार में भी अब इसका दुरुपयोग जमकर हो रहा है, चूंकि अब नये कानून के बारे में बड़े पदों पर कार्यरत एससी-एसटी के लोगों को पता चल चुका है कि इसका इस्तेमाल करने से वर्तमान में क्या फायदा है? इसलिए वे बेवजह इस्तेमाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे।

Read More
अपनी बात

नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने काबिल बन रहे एक पत्रकार को औकात बताई, पत्रकार की हेकड़ी बंद

बेवजह के सवालों और बार-बार की टोका-टाकी से तंग आकर नगर विकास मंत्री ने वही किया, जो उन्हें लगा कि उन्हें करना चाहिए। उन्होंने सीधे उक्त पत्रकार की क्लास ले ली। पत्रकार ने जब देखा कि सीपी सिंह आक्रोशित हो रहे है, तो उसकी आवाज धीमी होती चली गई, हालांकि उसने प्रयास किया कि मंत्री को अपने बातों से पटके, पर सी पी सिंह कहा उसकी बातों से पटकाने वाले थे।

Read More
अपनी बात

भाई वाह, मंत्री रेलवे सैलून का बेवजह इस्तेमाल करे तो ठीक, और विभागीय अधिकारी करें तो गलत

जब रेलवे का कोई अधिकारी या कर्मचारी गलत करें तो उस पर अनुशासनात्मक/विभागीय कार्रवाई हो जाये और विभागीय मंत्री करें, तो वह सदाचार हो जाये, उस मंत्री के उक्त कार्य को यह कहकर प्रतिष्ठित किया जाये कि अरे मंत्री है, उसे इतना तो हक बनता ही है। बार-बार पं. दीन दयाल उपाध्याय की सादगी का ढोल पीटनेवाली और मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन कर देनेवाली पार्टी के मंत्रियों का मंत्री बनने के बाद की उनकी जीवन शैली देखिये…

Read More
अपनी बात

दिल्ली से आई थी, ये हंस/बोल/दौड़ रही थी, मात्र 15 दिनों में ये मर कैसे गई? रघुवर सरकार जवाब दो?

25 सितम्बर को दिल्ली से रांची 16 वैसी बच्चियों को लाया गया था, जिन्हें किसी न किसी तरह काम के नाम पर वहां बेच दिया गया था। रांची जंक्शन पर आई ये बच्चियां बहुत खुश थी, क्योंकि वह अपने घर वापस लौट रही थी। इन्हीं में से एक थी गोड्डा जिले से पहाड़िया जन-जाति की 17 साल की एक आदिवासी बच्ची। उसने अपने उपर हुए अमानवीय अत्याचार की ऐसी दर्द भरी दास्तान सुनाई, कि स्टेशन पर खड़ें सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गये।

Read More
अपनी बात

स्वच्छ भारत मिशन को ही प्रभावित करने में लगा है रांची रेल मंडल, पुरुष शौचालय में लगा दिया ताला

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में हम प्रवेश कर चुके है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस वर्ष को स्वच्छता को समर्पित कर चुके है, पर उन्हीं के मंत्री और उन मंत्रियों के विभाग स्वच्छता को कैसे प्रभावित कर रहे है, उसका सबसे सुंदर उदाहरण है, रांची रेल मंडल का रांची जंक्शन, जिसके प्लेटफार्म नंबर दो पर निर्मित पुरुष शौचालय में हमेशा ताला लटका रहता है, जिसके कारण कई रेलयात्रियों को यत्र-तत्र, मल-मूत्र विसर्जित करते देखा जा सकता है।

Read More