बीडीओ सुनील ने की ब्लॉक प्रमुख प्रियंका पाठक के साथ बदतमीजी, पति को एससी/एसटी एक्ट में फंसाया

एससी-एसटी एक्ट सचमुच सामान्य वर्गों के लिए भारी पड़ रहा है, बिहार में भी अब इसका दुरुपयोग जमकर हो रहा है, चूंकि अब नये कानून के बारे में बड़े पदों पर कार्यरत एससी-एसटी के लोगों को पता चल चुका है कि इसका इस्तेमाल करने से वर्तमान में क्या फायदा है? इसलिए वे बेवजह इस्तेमाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे।

एससी-एसटी एक्ट सचमुच सामान्य वर्गों के लिए भारी पड़ रहा है, बिहार में भी अब इसका दुरुपयोग जमकर हो रहा है, चूंकि अब नये कानून के बारे में बड़े पदों पर कार्यरत एससी-एसटी के लोगों को पता चल चुका है कि इसका इस्तेमाल करने से वर्तमान में क्या फायदा है? इसलिए वे बेवजह इस्तेमाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे।

ताजा मामला बिहार के बक्सर जिले के सिमरी प्रखण्ड का है, जहां की ब्लॉक प्रमुख प्रियंका पाठक ने वहां के बीडीओ सुनील कुमार गौतम पर आरोप लगाया कि उसने प्रियंका के साथ गलत व्यवहार किया, गलत निगाहों से देखा, जिसका वह जब विरोध की, तब बीडीओ ने साफ धमकी दी और गाली देते हुए कहा कि अगर वह कुछ की, तो वह उसके पति को फंसा देगा और उसके पति नीरज पाठक को एससी-एसटी एक्ट में फंसा भी दिया तथा प्राथमिकी भी दर्ज करवा दी।

जब प्रियंका पाठक, बीडीओ द्वारा किये जा रहे उसके साथ गलत व्यवहार और गंदी निगाहों से बार-बार देखने की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सिमरी थाने पहुंची, तब सिमरी थाने के पुलिसकर्मियों ने प्रियंका की प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार किया, जब प्रियंका थाने पर ही आंदोलन करने के मूड में आ गई और कहा कि जब तक उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जायेगी, वह थाने से नहीं जायेगी तब जाकर देर रात उसकी प्राथमिकी दर्ज हुई, प्रियंका के अनुसार वह इस बात की जानकारी बक्सर एसपी को भी दी, जिस पर बक्सर एसपी ने पूरे मामले को देखने की बात कही।

प्रियंका का कहना है कि उसके साथ जब तक न्याय नहीं होगा, वह चुप नहीं बैठेगी, इधर प्रियंका पाठक के समर्थन में लोग धीरे-धीरे एकजुट होने लगे है, प्रियंका का विडियो भी खूब वायरल हो रहा है और लोग उसकी बातों को ध्यान से सुनकर, एससी-एसटी एक्ट की आलोचना करने से नहीं चूक रहे। ज्ञातव्य है कि जब से इस नये एक्ट को लागू किया गया है, इसकी बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी दुरुपयोग के कई मामले दिखाई पड़े हैं, फिर भी इसका गलत इस्तेमाल करनेवाले बाज नहीं आ रहे।

Krishna Bihari Mishra

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