छठि मइया और भगवान भास्कर को समझने की कोशिश करिये, समझ गये तो बेड़ा पार, नहीं तो…
मगध (अब बिहार) की राजधानी पाटलिपुत्र (अब पटना) के गंगा तट व गया के फल्गू नदी के तट पर काफी कम संख्या में कार्तिक शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि को जब अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहले अर्घ्य के लिए लोग जुटे होंगे, तो उन्हें शायद ही यह पता होगा कि उनके द्वारा किये जा रहे भगवान भास्कर के महात्म्य पटना और गया से निकलकर पूरे विश्व में छा जायेंगे, और यह पर्व बिहार की आत्मा के रुप में विकसित हो जायेगा,
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