‘रघुवर दास’ मतलब ‘रघुवर दाग’, जिसे ‘मोदी डिटर्जेंट’ या ‘शाह लॉन्ड्री’ भी नहीं धो सकती – सरयू राय

जमशेदपुर पूर्व से राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनौती दे रहे, राज्य के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि आज से राज्य के मुख्यमंत्री का नया नाम हैं, रघुवर दाग। यानी ऐसा दाग, जिसे ‘मोदी डिटर्जेंट’ या ‘शाह लॉन्ड्री’ भी नहीं धो सकती। ये बातें उन्होंने सीएम रघुवर दास के उस जवाब में कही, जिसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने उपर लगे भ्रष्टाचार को बेबुनियाद बताया हैं।

जमशेदपुर पूर्व से राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनौती दे रहे, राज्य के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि आज से राज्य के मुख्यमंत्री का नया नाम हैं, रघुवर दाग। यानी ऐसा दाग, जिसे ‘मोदी डिटर्जेंट’ या ‘शाह लॉन्ड्री’ भी नहीं धो सकती। ये बातें उन्होंने सीएम रघुवर दास के उस जवाब में कही, जिसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने उपर लगे भ्रष्टाचार को बेबुनियाद बताया हैं।

आज जमशेदपुर में नामांकन का अंतिम दिन था। पूरे झारखण्ड की नजर आज जमशेदपुर में थी। वह देख रही थी कि जनता किस ओर हैं, राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर या उन्हें चुनौती दे रहे सरयू राय की ओर। जो राजनीति के जानकार हैं वे बता रहे है कि जनता, जनता का जोश व उत्साह जो सरयू राय की ओर था, वह रघुवर दास के नामांकन में जूटे लोगों के साथ न के बराबर था। रघुवर के जुलूस में ज्यादातर लोग बाहर से जूटे थे, जबकि सरयू राय में स्थानीय युवाओं की संख्या अधिक थी।

लोगों से मिल रहे अपार समर्थन से गदगद सरयू राय का आत्मविश्वास आज बढ़ा-चढ़ा था, जबकि मुख्यमंत्री रघुवर दास के चेहरे पर सिकन साफ दिखाई दे रही थी, जब वे प्रेस से बात कर रहे थे, तब भी उनकी बातों में आत्मविश्वास की कमी साफ दिखाई दे रही थी, शायद उन्हें साफ लग रहा है कि इस बार की चुनौती कोई आम नहीं हैं, उनके सामने ऐसा व्यक्ति चट्टान की तरह खड़ा हैं, जिसे हरा पाना मुश्किल है।

आज बड़ी संख्या में राष्ट्रीय मीडिया भी इस समाचार को प्रमुखता देने में लगी थी, जो मीडिया कल तक हर-हर रघुवर, जय-जय रघुवर का मंत्रोच्चारण कर रही थी, उसे भी समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें, क्या कहें? शायद वह इस असमंजस में था कि एक ओर सच बोलते हैं तो सीएम रघुवर के नाराज होने का खतरा था, और झूठ बोलने पर जनता के आक्रोश का सामना करने का डर था।

इधर राजनीतिक पंडितों की मनोदशा भी कुछ ऐसी ही थी, जब उन्होंने सरयू राय के साथ आती भीड़ को देखा तो उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि जमशेदपुर की जनता ने क्या निर्णय कर रखा हैं, सरयू राय के साथ आती भीड़ हाथों में तिरंगा लिये थी, जो इस बात का प्रतीक था कि भ्रष्टाचार के विरोध के मुद्दे पर वे सरयू राय के साथ हैं, जबकि रघुवर दास के साथ आई भीड़ के पास उनकी पार्टी का झंडा था, और इस भीड़ में ज्यादा वे लोग थे, जो किसी न किसी प्रकार से रघुवर दास से अनुप्राणित होते रहे हैं, ज्यादा लोग तो रांची से जुटे थे, पर सरयू राय के साथ ऐसा नहीं था।

शायद यहीं कारण रहा कि जोश व उत्साह से लवरेज सरयू ने कह दिया कि यह जो रघुवर दाग हैं, वो भाजपा के दामन पर लगा दाग है, ये भगवा के दामन पर लगा दाग है, बहुमत की सरकार पर लगा दाग है, जिसे मोदी डिटर्जेंट या शाह लॉन्ड्री भी नहीं धो सकती। सरयू राय के इस बयान ने रघुवर खेमें में एक तरह से आग लगा दी हैं, इसका जवाब किसी भी भाजपाई के पास फिलहाल नहीं हैं।

Krishna Bihari Mishra

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