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गत 20 दिनों से गंगा की रक्षा के लिए आमरण अनशन पर बैठा है हरिद्वार में एक संत

आइआइटी कानपुर के पूर्व प्राध्यापक, सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रो. गुरुदास अग्रवाल जो संन्यास लेने के बाद स्वामी ज्ञानस्वरुप सानन्द जी के नाम से विख्यात है, फिलहाल गंगा सफाई की मांग को लेकर मातृ सदन आश्रम हरिद्वार में पिछले 22 जून से आमरण अनशन पर बैठे हैं, उन्होंने संकल्प कर रखा है कि वे गंगा की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दे देंगे,

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अमित शाह के बाइक जुलूस में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं का बीमा हुआ है या नहीं?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर कल रांची पधार रहे हैं। उनके रांची पधारने को लेकर, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं में खूब जोश देखने को मिल रहा हैं। बताया जा रहा है कि शाही अंदाज में इस बार अमित शाह का स्वागत होगा। करीब 2000 मोटरसाइकिल सवार भाजपा कार्यकर्ता, अपने नेता को शाही अंदाज में अगुवाई करेंगे।

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रघुवर भक्ति में डूबे अखबारों-चैनलों ने दबाया विपक्ष और जनता की आवाज

मैं दावे करता हूं कि जो भी रिपोर्टर, चाहे वे किसी अखबार या चैनल के हो, उन्होंने जो कल महाबंद के दौरान देखा होगा, वे सही-सही रिपोर्ट अपने-अपने अखबारों व चैनलों में जरुर किये होंगे, पर अखबारों-चैनलों के मालिकों और संपादकों ने सरकारी विज्ञापनों और मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ पीआर बनाने के चक्कर में उन रिपोर्टरों के द्वारा दिये गये समाचारों के साथ अन्याय करते हुए,

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भाजपा प्रवक्ता की तरह पेश आए, झारखण्ड के DGP, खुलकर की CM की प्रशंसा

जरा सोचिये, किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक पद पर बैठा व्यक्ति, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या किसी राजनीतिक दल या सत्तारुढ़ दल के प्रवक्ता के रुप में खुद को पेश करें, तो आपको कैसा लगेगा? आप सोचेंगे कि कहीं ये लोकसभा या राज्यसभा जाने की तैयारी तो नहीं कर रहा, या उसकी इससे भी बड़ी कोई महत्वाकांक्षा तो नहीं,

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हमें खुशी हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, प्रकाश सहाय जी आपका जवाब नहीं

प्रकाश सहाय, एक खांटी प्राध्यापक, खांटी पत्रकार और सबसे बड़ा खांटी इन्सान हैं, एक अच्छे इन्सान, जिनका दिल भारतीय संस्कृति और इन्सानियत के लिए सदैव धड़कता रहता है। आज अहले सुबह इन्होंने अपने फेसबुक सोशल साइट पर एक पोस्ट डाला है, जो हृदय विदारक है, मार्मिक है, हृदयस्पर्शी है। हो सकता है, किसी के लिए ये घटना छोटी हो सकती है,

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पांच जुलाई को झारखण्ड महाबंद यानी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच मूंछ की लड़ाई

जिस प्रकार से मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने मातहत कार्य कर रहे अधिकारियों के एक बड़े वर्ग को हांकने में लगे हैं और इस बंद को विफल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दिये हैं, तथा जिस प्रकार संपूर्ण विपक्ष अपने इस महाबंद को सफल बनाने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर, विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं से सहयोग लेने का प्रयास कर रहा हैं,

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पांच जुलाई के झारखण्ड बंद ने CM रघुवर ही नहीं, बल्कि पूरे महकमें का नींद उड़ाया

पांच जुलाई को संपूर्ण विपक्ष के झारखण्ड बंद ने रघुवर सरकार के हाथ-पांव फुला दिये हैं, सीएम रघुवर दास पांच जुलाई के बंद से इतने भयभीत है कि वे अपने मातहत कार्य कर रहे सभी अधिकारियों को हिदायत दे दी है कि वे किसी भी कीमत पर इस झारखण्ड बंद को सफल नहीं होने दें, स्थिति ऐसी है कि भाजपा ही नहीं, पूरा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन इस बंद को विफल कराने में ऐड़ी-चोटी एक किये हुए हैं,

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अपना के हइये ना, जगतर्र के दानी, यानी गोड्डा से बांगलादेश को बिजली देने की तैयारी

आपने वो लोकोक्ति जरुर सुनी होगी, अपना के हइये ना, जगतर्र के दानी, यानी खुद खाने को नहीं और दूसरे को खिलाने का दंभ भरते हैं। पूरे राज्य में बिजली का अभूतपूर्व संकट है, धनबाद, बोकारो, गोड्डा, रांची, डालटनगंज, गढ़वा, झारखण्ड के कितने शहर का हम नाम गिनाएं, जहां के लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं, स्थिति तो ऐसी है कि एक बार बिजली गई तो कब आयेगी, कहना मुश्किल हैं।

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भारतीय नक्षत्र कह रहे हैं, झमाझम नहीं, टूकड़ों में बरसेंगे, सामान्य बरसेंगे…

ऐसे तो भारत का मौसम विभाग बारिश को लेकर अपना तर्क देता ही रहता हैं, पर हमारे भारतीय मणीषियों ने भी नक्षत्रों के आधार पर बारिश कैसा होगा? इसका पूर्वानुमान लगा लिया करते थे, तथा उसी अनुरुप कृषि क्षेत्र में लगे लोगों तथा व्यापारिक क्षेत्र में लगे लोग, अपनी आगे की योजना बना लिया करते, आश्चर्य यह भी है कि भारतीय मणीषियों का कथन व पूर्वानुमान सटीक भी बैठता था।

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रांची जं. की साफ-सफाई देखकर आश्चर्यचकित हो रहे रेलयात्री, कह रहे लव यू रांची

राजधानी एक्सप्रेस से अनुपमा अभी-अभी रांची जंक्शन उतरी है, वह प्लेटफार्म पर उतरते ही, आश्चर्य में डूब गई और अपनी मां से कहा – ओ मां, देखो तो ये स्टेशन कितना साफ-सुथड़ा हैं, इतनी साफ-सफाई तो नई दिल्ली जं. पर भी नहीं हैं, नई दिल्ली क्या? दिल्ली के किसी भी स्टेशन पर चाहे सब्जी मंडी हो, या ह. निजामुद्दीन, या सराय रोहिल्ला, या आनन्द विहार, कहीं भी इतनी साफ-सफाई नहीं,

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