बेहतर जिंदगी मामले में झारखण्ड के शहर टॉप 10 तो दूर, टॉप 50 में भी नहीं…

शर्मनाक, देश में बेहतर ढंग से जीवन जीने के लिहाज से सबसे अच्छे 111 शहरों में झारखण्ड के शहर टॉप 10 तो दूर, टॉप 50 में भी नहीं हैं। केन्द्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय ने जीवन सुगमता सूचकांक की सूची आज जारी करते हुए बताया है कि रांची का इस लिस्ट में 68 वां स्थान है, जबकि धनबाद 71वें स्थान पर हैं।

शर्मनाक, देश में बेहतर ढंग से जीवन जीने के लिहाज से सबसे अच्छे 111 शहरों में झारखण्ड के शहर टॉप 10 तो दूर, टॉप 50 में भी नहीं हैं। केन्द्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय ने जीवन सुगमता सूचकांक की सूची आज जारी करते हुए बताया है कि रांची का इस लिस्ट में 68 वां स्थान है, जबकि धनबाद 71वें स्थान पर हैं।

दूसरी ओर टॉप 10 में पहले स्थान पर महाराष्ट्र का पूणे, दूसरे स्थान पर नवीं मुंबई, तीसरे स्थान पर ग्रेटर मुंबई, चौथे स्थान पर आंध्र प्रदेश का तिरुपति, पांचवे स्थान पर चंड़ीगढ़, छठे स्थान पर महाराष्ट्र का थाणे, सातवें स्थान पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, आठवें स्थान पर मध्यप्रदेश का इंदौर, नौवे स्थान पर आंध्र प्रदेश का विजयवाड़ा और दसवें स्थान पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल है।

सबसे नीचे यानी अंतिम पायदान पर उत्तरप्रदेश का रामपुर है, झारखण्ड का पड़ोसी राज्य बिहार की राजधानी पटना 109 वें स्थान पर है, अगर झारखण्ड के पड़ोसी राज्यों में सर्वाधिक बेहतर अगर किसी की स्थिति है, तो वह है छत्तीसगढ़ की, जिसकी राजधानी रायपुर टॉप टेन में शामिल है, जबकि बंगाल के कोलकाता को जीवन सुगमता सूचकांक में शामिल ही नहीं किया गया था।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

जैसे-जैसे साल बदलता चला गया, आजादी के जश्न मनाने का जोश भी काफूर होता...

Tue Aug 14 , 2018
बात उन दिनों की है, जब मैं आकाशवाणी पटना के युववाणी एकांश में आकस्मिक उद्घोषक के रुप में कार्यरत था। उस वक्त हमारे कार्यक्रम अधिशाषी रमा शंकर थे। उन्होंने ‘घूमता माइक्रोफोन’ के लिए भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर लोगों की राय मंगवाई, जो स्वतंत्रता दिवस को लेकर, लोगों के बदलते दृष्टिकोण से संबंधित था।

You May Like

Breaking News