एक कैंसर पीड़ित पत्रकार के साथ विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका ने किया घोर अन्याय
हाँ तो हम बात कर रहे थे, न्यायालय और न्याय प्रक्रिया की, जिसके अधिष्ठाता जज होते हैं। उनके कार्य की कोई आलोचना नहीं की जा सकती, लेकिन ये तो बताया जा सकता है कि कार्य उन्होंने क्या किया? कि ये भी बताया नहीं जा सकता। 23/24 अप्रैल 2012 को रांची शहर के राजमार्ग पर सहजानंद चौक के पास एक उम्रदराज गरीब आदिवासी महिला के साथ सरे शाम दुष्कर्म हुआ
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