विद्रोही 24.कॉम ने रघुवर भक्त भाजपाइयों और मठाधीश पत्रकारों की उड़ाई नींद
कल सायं समय की बात है। अचानक मेरे व्हाट्सएप्प पर बहुत पुरानी आर्टिकल जो मुख्यमंत्री रघुवर दास के अनन्य भक्त अखबार ‘आजाद सिपाही’ में आज से एक साल पहले छपी थी। अचानक अवतरित हुआ। कई हमारे चाहनेवाले इसे भेजकर पूछे कि क्या ये आपने लिखा है? भला मैं झूठ क्यों बोलू? कि मैंने नहीं लिखा। मैंने खुद ही बताया कि, हां मैंने लिखा। कायदे से उन्हें ये सवाल करना नही चाहिए था, क्योंकि उस अखबार में मेरे नाम भी अंकित थे।
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