अपनी बात

अपनी बात

जो दलबदलू मामले को लटका दिया, वो विक्रमादित्य आयोग की अनुशंसा लागू करेगा?

जो व्यक्ति दलबदलू विधायकों को साढ़े तीन सालों में सजा तक नहीं दिला सका, आज भी उन्हें बचाने के लिए तथा सरकार को जीवन दान दिलाने के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहा है, भला हम या यहां की जनता कैसे विश्वास कर लें कि वो जस्टिस विक्रमादित्य आयोग की अनुशंसा को लागू कराने के लिए ईमानदारी से प्रयास करेगा?

Read More
अपनी बात

जदयू सांसद हरिवंश ही बताएं, कि ऐसे सवालों से आम जनता को क्या लाभ?

आज दैनिक भास्कर में काम कर रहे बहुत सारे संवाददाताओं एवं छायाकारों का समूह एक अखबार की कटिंग को फेसबुक में डालकर गर्व महसूस कर रहा है। समाचार यह हैं कि सरकार ने संसद में कहा दैनिक भास्कर देश का नंबर -1 अखबार है। सरकार ने ये बातें इसलिए कही कि राज्यसभा में जदयू के टिकट पर चुनाव जीते,

Read More
अपनी बात

जो अपने विरोधियों को सम्मान नहीं दे सकता, सुशासन क्या देगा? फिसड्डी झारखण्ड

सिर्फ झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी बैंड बजाकर रख दी हैं, पीएसी यानी पब्लिक अफेयर्स सेन्टर ने। पीएसी ने जो सुशासन के मामले में जो रैंकिंग जारी की है, उस रैंकिग में झारखण्ड 30 राज्यों में 28 वें स्थान पर हैं, यानी बिहार और मेघालय से सिर्फ उपर, जबकि सुशासन के मामले में केरल जैसे राज्य ने अपनी सर्वश्रेष्ठता सिद्ध की है।

Read More
अपनी बात

वाह री भाजपा, सम्मान देने के पहले खिलाड़ियों से चाय-बिस्किट सर्व करा लिया

ये नई भाजपा है, भारत को बदलने वाली भाजपा है, ये भाजपा हमारी सारी परम्परा-संस्कृति को बदलेगी तभी तो नया भारत बनेगा, नया झारखण्ड बनेगा। इस बदलते भारत में जिन्हें हमें सम्मानित करना है, उनसे पहले हमें चाय-बिस्किट सर्व कराना होगा, उनसे अपनी सेवा लेनी होगी, सेवा करानी होगी, जैसा कि भाजपा कार्यालय में देखने को मिला,

Read More
अपनी बात

सुप्रसिद्ध फिल्मकार गौतम घोष को CM के प्रधान सचिव ने घंटो इंतजार करवाया

याद करिये, हाल ही में 20 सूत्री कार्यक्रम की बैठक में धनबाद के ही भाजपा सांसद पीएन सिंह ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के समक्ष कहा था कि उनका फोन तो आपके प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल ही नहीं उठाते हैं, जबकि उन्होंने उन्हें बीसियों फोन किये। ये समाचार अखबारों में सुर्खिया बन गई थी, पर मुख्यमंत्री रघुवर दास को इस बात का तनिक दुख नहीं हुआ कि उसके नौकरशाह उसी के भाजपा सांसद को आखिर फोन क्यों नहीं उठाते?

Read More
अपनी बात

गर भाजपाइयों ने अपने बोल-चाल में सुधार नहीं लाया, तो 2019 में कोई रोनेवाला भी…

किसी व्यक्ति के चरित्र और संस्कार को देखना हो, उसका मूल्याकंन करना हो, तो बस उसको सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठा दीजिये, उसका असली चरित्र और संस्कार स्पष्ट रुप से उजागर हो जायेगा। ऐसे तो आप झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की भाषा सुने ही होंगे, वे सदन में विपक्षी नेताओं को आपत्तिजनक शब्दों से विभूषित कर देते हैं और क्षमा भी नहीं मांगते,

Read More
अपनी बात

वैंकेसी निकलवाने के लिए माइनिंग छात्रों का धनबाद के डीजीएमएस के समक्ष प्रदर्शन

कई वर्षों से बहाली नहीं होने के कारण, युवाओं का भविष्य अधर में हैं, यानी डिग्री लेने में परेशानी, और डिग्री लेने के बाद बेरोजगारी से मुक्ति पाने के लिए वैंकेसी निकलवाने के लिए आंदोलन, इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती हैं, हमारे देश के नेता वायदे तो बहुत बड़ी-बड़ी कर देते हैं, पर बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के उपर उनका कोई ध्यान ही नहीं रहता।

Read More
अपनी बात

रांची के अखबार, सरकार के इशारे पर समाचार भी पचाने/गायब करने में लग गये

हमारे विचार से, तथा समाचार के सामान्य नैतिक मूल्यों के अनुसार भी, प्रत्येक व्यक्ति को उसके इलाके में क्या-क्या घटना घट रही हैं, उसे जानने का हक हैं और उन तक उनके इस हक को पहुंचाने का दायित्व पत्रकारों/समाचार पत्रों का हैं, पर जब ये भी काम पत्रकार/समाचार पत्र बंद कर दें तो जनता को भी पूरा हक है कि ऐसे अखबारों/पत्रकारों का सामाजिक बहिष्कार करें।

Read More
अपनी बात

काहे की सरकार, कौन सी सरकार, जब कोई परिवार आत्महत्या को मजबूर हो जाये

दूसरी हृदय विदारक घटना हजारीबाग की है, जहां एक कथित सुखी संपन्न परिवार, जो बाद में कई लाख रुपये का कर्जदार हो गया, अपने पूरे परिवार के साथ खुदकुशी कर ली, ये घटना बता रहा है कि हमारा समाज किधर जा रहा हैं और सरकार किसके लिए काम कर रही हैं। कुछ लोग तो इसे नोटबंदी से भी जोड़ रहे हैं,

Read More
अपनी बात

अमित शाह की भाषा देखिये, विरोधियों को चोर, वेश्यावृत्ति करनेवाला तक कह देते हैं

ये हैं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की भाषा, जो अपने विरोधियों को चोर कहता है, भाड़े के टट्टू कहता है, शराब पीकर वेश्यावृत्ति करनेवाला कहता है, तब ऐसे में भाजपा के सामान्य या छोटे कार्यकर्ता किसी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो क्या गलत करते हैं या हिंसा करते हैं, तो क्या गलत करते हैं, अब तो गाली देना भाजपा के शिष्टाचार में समा गया हैं।

Read More