गर भाजपाइयों ने अपने बोल-चाल में सुधार नहीं लाया, तो 2019 में कोई रोनेवाला भी…

किसी व्यक्ति के चरित्र और संस्कार को देखना हो, उसका मूल्याकंन करना हो, तो बस उसको सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठा दीजिये, उसका असली चरित्र और संस्कार स्पष्ट रुप से उजागर हो जायेगा। ऐसे तो आप झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की भाषा सुने ही होंगे, वे सदन में विपक्षी नेताओं को आपत्तिजनक शब्दों से विभूषित कर देते हैं और क्षमा भी नहीं मांगते,

किसी व्यक्ति के चरित्र और संस्कार को देखना हो, उसका मूल्याकंन करना हो, तो बस उसको सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठा दीजिये, उसका असली चरित्र और संस्कार स्पष्ट रुप से उजागर हो जायेगा। ऐसे तो आप झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की भाषा सुने ही होंगे, वे सदन में विपक्षी नेताओं को आपत्तिजनक शब्दों से विभूषित कर देते हैं और क्षमा भी नहीं मांगते, हाल ही में वे एक जगह किसी को उलटा लटकाने की भी बात किये हैं, जो अखबारों की सुर्खियां बन गई।

इन्हीं का कृपापात्र सजातीय बाघमारा का भाजपा विधायक ढुल्लू महतो की तो बात ही निराली है, वो तो अपने ही भाजपा सांसद और विधायकों को अनाप-शनाप बकता रहता है, जो अखबारों की सुर्खियां बनती है और ये सब होता है, सीएम रघुवर दास के इशारे पर, अब इसी कड़ी में एक और नया नाम जुड़ गया है – रांची के विधायक एवं नगर विकास मंत्री सी पी सिंह का।

जनाब जब से नगर विकास मंत्री बने हैं, उनके पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे, वे भूल गये कि उनकी सबसे बड़ी अमानत उनकी सादगी, उनकी बोलचाल और उनका आम जनमानस में सामान्य व्यक्ति की तरह उठना-बैठना और उनकी वेदनाओं को समझना था, पर कहावत है कि आप जैसे के साथ रहेगें, उसका प्रभाव तो पड़ेगा ही, शायद उसी प्रभाव का प्रतिफल हैं कि अब इनके भी बयान सीएम रघुवर दास या बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो की तरह सुनाई देने लगे हैं,  जो हो सकती है कि इनके लिए बड़ी उपलब्धि हैं, पर आम जनता की नजर में ये कितने नीचे चले गये, शायद उनको पता ही नहीं।

कल की ही बात है, उन्होंने सदन में कह दिया कि सुखदेव भगत को छोड़कर, हेमन्त सोरेन, प्रदीप यादव समेत सारे के सारे विधायक देशद्रोही हैं, ये सारे इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्य हैं, अफजल गुरु के समर्थक है। सी पी सिंह यहीं नहीं रुके वे सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के क्रम में स्वामी अग्निवेश को ढोंगी करार दे दिया, उन्होंने कहा कि अग्निवेश भारत के टुकड़े करने की चाहत रखनेवाला है, यासिर मल्लिक का साथ देनेवाला है, पाकिस्तान के टूकड़े पर पलनेवाला दलाल है, उसका साथ देनेवाला सभी देशद्रोही हैं। अब जब आप मर्यादा तोड़ेंगे तो आप को भी उसका प्रतिफल भुगतना ही पड़ेगा, लगे हाथों एक सामान्य विधायक कांग्रेस पार्टी के इरफान अंसारी ने उन्हें सबसे बड़ा जोकर करार दे दिया।

हालांकि झाविमो के प्रदीप यादव ने भाजपा के नेताओं को ही देशद्रोही करार दिया,  कांग्रेस पार्टी के आलमगीर आलम ने कहा कि ये लोकतंत्र के लिए सही नहीं हैं, क्योंकि किसी के मुंह पर ताला नहीं लगा है। सदन में एक विधायक का ये कहना कि हम चुड़ी पहनकर नहीं आये हैं, हास्यास्पद लगता है तथा सदन की गरिमा को प्रभावित करता है।

ज्ञातव्य है, कि एक समय था कि लोग भाजपा के नेताओं की भाषा, भाषण और उनके रहन-सहन, उनकी सादगी के कायल थे, और आज के भाजपा नेताओं को देखिये, वे कितना गिर सकते हैं, कितना गंदा बोल सकते हैं, कितना वो किसी को प्रताड़ित कर सकते हैं, इसका रिकार्ड बनाने में लगे हैं, इसी रिकार्ड बनाने के चक्कर में वे आम जनता की निगाहों से वे कितना दूर जा रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा, ऐसे में आनेवाला भविष्य भाजपा के इन नेताओं या भाजपा के लिए ही कितना कष्टकारी होने जा रहा हैं, शायद उन्हें नहीं पता, क्योंकि जनता सब कुछ बर्दाश्त कर सकती हैं, पर बोली में जिसके लगाम नहीं हो, ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने में उसे ज्यादा देर नहीं लगती, ये बातें भाजपा के सारे नेताओं को गिरह बांध लेना चाहिए।

Krishna Bihari Mishra

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