अपनी बात

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अरे भाइयों, इन चालाक लोगों के लिए क्यों आंसू बहाते हो, अगर आंसू बहाना ही हैं तो…

अरे इनके लिए क्यों रोते हो, क्यों आंसू बहाते हो, इतना दर्द क्यों छलकाते हो, अगर तुम इनके लिए नहीं भी रोओगे, नहीं आंसू बहाओगे या दर्द नहीं छलकाओगे तो ऐसा नहीं कि देश बर्बाद हो जायेगा या ये बर्बाद हो जायेंगे, ये तो आज एबीपी में हैं, कल उछलकर किसी दूसरे जगह चले जायेंगे, ये जाते भी रहे हैं, ऐसा करते भी रहे हैं, इसलिए नहीं कि इन्हें देश से प्यार था,

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क्या DGP के मुख से किसी के खिलाफ छह इंच छोटा करने का बयान शोभा देता है?

पता नहीं, विकास को कौन रोक रहा है, या रोक रहा है भी या नहीं, पर विकास को रोकनेवालों के नाम, संविधान को चुनौती देनेवालों के नाम, आपने जिन्हें छह इंच छोटा करने का बयान जो जारी किया, डीजीपी डी के पांडेय महोदय, ये बयान बताता है कि आप भी अब नक्सली की जुबां बोलने लगे हैं, क्योंकि हमने सुना है कि वे भी इसी प्रकार का बयान देते हैं,

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शर्मनाक, एक पत्रकार, बिहारियों पर ऐसा दाग लगाया कि ये दाग कभी धूलनेवाला नहीं

जब से मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित कहानी नमक का दारोगा के अलोपीदीन ज्ञानचक्षु खुलने के बाद, ईमानदार वंशीधर के घर जाना छोड़ दिये, तभी से हमारे समाज में ब्रजेश ठाकुर जैसे दैत्यों का बोलबाला और उनका जाल इस कदर फैला कि वह दैत्य हाथों में हथकड़ी पहनने तथा जेल जाने के बाद भी न तो उसने अपना मुंह छुपाया, बल्कि अट्टहास करता हुआ, फोटो खिंचवाते हुए जेल की ओर चल पड़ा।

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पूरे झारखण्ड में आदिवासी जनसंगठनों का “अखबार बहिष्कार आंदोलन” प्रारम्भ

पूरे झारखण्ड में आदिवासी जनसंगठनों का आज से “अखबार बहिष्कार आंदोलन” प्रारम्भ हो गया हैं, आदिवासी जनसंगठनों ने जिन अखबारों के बहिष्कार का निर्णय लिया हैं, उनके नाम हैं – प्रभात खबर, दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण। इन अखबारों पर आरोप हैं कि ये आदिवासी विरोधी समाचारों को प्रमुखता देते हैं, तथा सीएम रघुवर भक्ति में लीन हैं,

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वाह मरांडी जी, आपने पोते के साथ धान-रोपनी कर युवाओं को एक अच्छा संदेश दिया

अच्छा लगा, जब हमने देखा कि झारखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में झारखण्ड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी अपने पोते के साथ, अपने गांव में धान की रोपनी में लगे हैं। मैं चाहता हूं कि देश का हर नेता कृषि कार्यों को प्रमुखता दें, यहीं नहीं, बल्कि अन्य समाजोपयोगी कार्यों को भी प्रमुखता से अपने जीवन में उतारें, ताकि इसका प्रभाव आम जन-जीवन पर पड़े, क्योंकि इससे लोग समझेंगे,

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पहले हजारीबाग और अब रांची, आखिर आपके कानों पर जूं कब रेंगेगा? सीएम साहब

अभी कोई ज्यादा दिन नहीं हुए कि आर्थिक तंगी के कारण, हजारीबाग से एक खबर आई कि एक समृद्ध व्यवसायी के यहां छः लोगों की मौत हो गई। ठीक इसी प्रकार से अब रांची में कल ये खबर सुनने को मिली की आर्थिक तंगी के कारण परिवार के पांच लोगों को मारकर दो भाई फांसी के फंदे से झूल गये। हजारीबाग और रांची की घटना को अगर नजदीक से देखे तो दोनों मामला एक सा ही हैं,

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रघुवर भक्ति में एक साल पुरानी न्यूज जनता को परोस दिया “भास्कर” और “जीटीवी”

सीएम रघुवर की भक्ति में दैनिक भास्कर व जीटीवी ने लगभग साल भर पुरानी न्यूज को मिर्च मसाला लगाकर, नये तरीके से जनता के बीच परोस दिया, और जनता को यह भरमाने की कोशिश कर दी कि पीएम के सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री हैं रघुवर, 65 फीसदी जनता के पसंद हैं रघुवर, अभी चुनाव हो जाये तो भाजपा को 65 सीटें मिल जायेगी, जबकि ऐसा है नहीं।

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राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने में जुटी भाजपा, सरकार और पुलिस

अगर आप झारखण्ड में रहते हैं, तो तीन बात आज ही गांठ बांध लीजिये, आपको हर समय भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में बात करनी होगी, उसके खिलाफ एक शब्द भी बोलना आपको भारी पड़ सकता हैं, उसी प्रकार सरकार के क्रियाकलापों की हरदम प्रशंसा करनी होगी और अंत में झारखण्ड पुलिस के खिलाफ एक शब्द भी न लिखना होगा और न बोलना होगा,

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प्रधानमंत्री/रेलमंत्री जी, गरीब बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक मत करिये

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और रेलमंत्री पीयूष गोयल जैसा भारत में महान व्यक्ति आज तक न कोई पैदा हुआ हैं और न कभी होगा, तभी तो इनके शासन काल में रेलवे में निकाले गये असिस्टेंट लोको पायलट और टेक्निशयन की वैंकेसी में शामिल होने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवकों के शरीर से तेल निकल जा रहे हैं।

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पाकिस्तान का PM इमरान हो या नवाज हो या हाफिज सईद, उससे भारत को क्या?

पाकिस्तान में इमरान प्रधानमंत्री बने या नवाज शरीफ या हाफिज सईद, भारत को क्या फर्क पड़ता हैं? उसे तो हर हाल में पाकिस्तान को झेलना हैं, क्योंकि पाकिस्तान की बुनियाद ही भारत से घृणा और नफरत पर टिकी हैं, कश्मीर तो सिर्फ बहाना हैं, यकीन मानिये, अगर कश्मीर समस्या समाप्त भी हो गई तो ये नये पैतरे ढूंढेंगे, भारत से लड़ने के लिए और उन्हें वह नया पैतरा भी जल्द मिल जायेगा।

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