अरे भाइयों, इन चालाक लोगों के लिए क्यों आंसू बहाते हो, अगर आंसू बहाना ही हैं तो…
अरे इनके लिए क्यों रोते हो, क्यों आंसू बहाते हो, इतना दर्द क्यों छलकाते हो, अगर तुम इनके लिए नहीं भी रोओगे, नहीं आंसू बहाओगे या दर्द नहीं छलकाओगे तो ऐसा नहीं कि देश बर्बाद हो जायेगा या ये बर्बाद हो जायेंगे, ये तो आज एबीपी में हैं, कल उछलकर किसी दूसरे जगह चले जायेंगे, ये जाते भी रहे हैं, ऐसा करते भी रहे हैं, इसलिए नहीं कि इन्हें देश से प्यार था,
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