Author: Krishna Bihari Mishra

अपराध

झासा आंदोलन के आगे रघुवर सरकार नतमस्तक, पुलिसकर्मियों में आक्रोश, ACB पर उठे सवाल

विद्रोही 24. कॉम ने पहले ही कहा था कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा झासा आंदोलनकारियों के आगे झूक चुकी है, इसलिए सीएम रघुवर दास का झूकना भी तय है, क्योंकि सीएम की ताकत ही नहीं कि वे कोई भी निर्णय स्वयं ले लें। जरा देखिये सरकार के प्रधान सचिव निधि खरे ने झासा के अध्यक्ष/महासचिव को क्या लिखा है –

Read More
राजनीति

एक IAS को कोई नहीं जानता, एक IPS को सभी जानते हैं…

सचमुच एक IAS जे बी तुबिद जो भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता है, इन्हें कोई नहीं जानता, पर दूसरी तरफ एक आइपीएस अजय कुमार है, जिन्हें सभी जानते है। दो पूर्व के उच्चाधिकारी दोनों में समानता देखिये। दोनों झारखण्ड से किसी न किसी रुप में जुड़े हैं। दोनों राष्ट्रीय पार्टी से जुड़े हैं, पर एक बोलने में पटु है, उसे राजनीति की समझ हो चली है और दूसरा राजनीति का ककहरा अभी सीख रहा हैं, वह भी सीख पायेगा या नहीं, कहा नहीं जा सकता,

Read More
अपराध

जब अपने पर पड़ी तो ACB की कार्रवाई पर ही प्रश्न चिह्न लगा दिया, हड़ताल की दे डाली धमकी

जिस प्रकार से सीओ की गिरफ्तारी और एसीबी के खिलाफ झारखण्ड प्रशासनिक सेवा संघ के लोग लामबंद हुए हैं, अवकाश पर चले गये, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे हैं। ठीक उसी प्रकार उन सारे संघों को भी गोलबंद हो जाना चाहिए, जिनके विभागों से संबंधित कोई भी अधिकारी या कर्मचारी को अब तक एसीबी ने गिरफ्तार किया है, आखिर उनका भी क्या दोष, हो सकता है कि उन्हें भी एसीबी ने इसी प्रकार गिरफ्तार किया हो,

Read More
अपनी बात

रांची के पत्रकार भूल गये, राष्ट्रीय प्रेस दिवस को, नये पत्रकारों ने याद दिलाया फिर भी…

और अब सवाल उनलोगों से, जो स्वयं को पत्रकारिता का धुरंधर मानते हैं, जिन्हें लोग आजकल पत्रकारिता के भीष्म पितामह कहने लगे हैं, जो पत्रकारिता के ही क्षेत्र में पद्मश्री प्राप्त कर चुके हैं, जो रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष हैं, क्या उन्हें आज के दिन को लेकर सजग नहीं होना था, क्या एक कार्यक्रम आयोजित नहीं करा सकते थे। पहले तो बात थी कि जगह नहीं हैं, अब तो जगह भी हैं, अब क्या दिक्कत हैं? किसका इंतजार था।

Read More
राजनीति

औकात से ज्यादा मिलने पर हर नेता अक-बका जाता है, जैसे यशवंत सिन्हा

जिनकी कोई औकात नहीं, और उन्हें जब आप औकात से ज्यादा दे देंगे, तो वे आपको ही काटने को दौड़ेंगे। ये लोकोक्ति भाजपा नेता यशवंत सिन्हा पर फिट बैठती है। जरा यशवंत से पूछिये जब केन्द्र में पहली बार कांग्रेस के सहयोग से चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने और चार महीने के बाद ही जब देश में लोकसभा का चुनाव हुआ और उस समय जब वे पटना संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे थे, तो उनकी हालत क्या हुई थी?

Read More
अपनी बात

प्रभात खबर ने झारखण्ड स्थापना दिवस में जुटी भीड़ से पर्दा उठाया, भीड़ आई नहीं, लाई गई

झारखण्ड स्थापना दिवस के अवसर पर रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित विशेष सरकारी कार्यक्रम में आम जनता ने अपनी दूरी पूर्व की तरह बनाये रखा, इस कार्यक्रम में वे ही लोग आये, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं या उससे जुड़े हैं। प्रभात खबर ने इस बात को बहुत ही शानदार ढंग से उठाया है। आप प्रभात खबर के पृष्ठ संख्या 8 को देखें। शीर्षक है – नौ बजते ही हर कदम बढ़ चले थे, मोरहाबादी की ओर।

Read More
राजनीति

CM रघुवर दास ने झारखण्ड स्थापना दिवस के अवसर पर जनता की आंखों में धूल झोंका

जब राज्य का मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपाल के समक्ष जनता की आंखों में धूल झोकने की कोशिश करें, तो इसे आप क्या कहेंगे?  जरा सीएम का मोराबादी मैदान में, दिया गया आज का भाषण देखिये, सीएम रघुवर दास ने कहा है कि इज आफ डूइँग बिजनेस के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए झारखण्ड ने वर्ष 2015 में पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है तथा लगातार अग्रणी स्थान पर बना हुआ है,

Read More
अपनी बात

CM रघुवर बताएं कि, ये झारखण्ड स्थापना दिवस के नाम पर उत्सव किसके लिए?

इसमें वे लोग भी शामिल होते है, जिनका काम भीड़ को लाना होता हैं, ये काम जिला के वरीय प्रशासनिक अधिकारी, ठेकेदारों से मिलकर कराते हैं, जिसका मुनाफा जिला के वरीय अधिकारी, उन्हें योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी देकर पूरा करते हैं, पर आम जनता इन सबसे दूरे अपने गांवों में अपने किस्मत पर रो रही होती है। वह कहती है, कि सोचा था नई सरकार बनाउंगी तो आराम मिलेगा, पर यहां तो आराम दूर, नींद हराम हो गई।

Read More
अपनी बात

पं. जवाहरलाल नेहरु को आम जनता की नजरों से ओझल करने की गलत परंपरा की शुरुआत

जो देश अपने महापुरुषों को याद नहीं करता, उनके जन्मदिन अथवा पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन नहीं अर्पित करता, वो कालांतराल में स्वयं नष्ट हो जाता हैं, इसे स्वीकार करना चाहिए। राष्ट्र को अपने महापुरुषों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। कल तक अपने महापुरुषों को लोग जातीयता में बांटते थे, अब तो हद हो गई, लोग उन्हें अनादर भी करने लगे हैं, उनकी योगदान पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं,

Read More
राजनीति

लो कर लो बात, ढोल पीटवा दीजिये, लालू प्रसाद फिर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे

आज सुबह-सुबह दानापुर पहुंचा। कई अखबारों पर नजर पड़ी। अखबारों में तो ऐसे कई समाचार थे, पर इनमें से ज्यादा आश्चर्य करनेवाला समाचार था – लालू की पॉकेट में रहने वाली राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर लालू का निर्विरोध चुने जाने की खबर। आश्चर्य इसलिए कि लालू प्रसाद यादव को अखबारों ने इस प्रकार से पेश किया था, जैसे राष्ट्रीय जनता दल कोई सिद्धांतवादियों का समूह हो

Read More