Author: Krishna Bihari Mishra

अपनी बात

जानिये समस्तीपुर के डा. अशोक को, जिन्होंने दंगाइयों से 20 मुस्लिम बच्चों की जान बचाई

जब तक बिहार में डा. अशोक मिश्र जैसे इन्सान जीवित है, दुनिया की कोई ताकत मानवता की बुनियाद को हिला नहीं सकती। बिहार ऐसे ही लोगों के कारण जाना जाता है। बिहार में सांप्रदायिक सद्भाव की जड़े इतनी गहरी है कि कोई इसे हिला नही सकता, बस जरुरत है, ऐसे लोगों के मनोबल, और उनके उत्साह को बढ़ाने की सम्मान देने की।

Read More
अपनी बात

पूरे देश से जुटे शाकद्वीपीय बंधु, गया में मग मिलन महोत्सव का हुआ आगाज

गया में आज से दो दिवसीय मग मिलन महोत्सव का आगाज हुआ। इसका उद्घाटन स्वामी शैलेन्द्रानन्द सरस्वती ने किया। इस मग मिलन महोत्सव में राजस्थान, असम, बिहार, झारखण्ड समेत बंगाल आदि में रह रहे शाकद्वीपीय बंधुओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्वामी शैलेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख हैं, कि आज दूसरा समाज अपने हक की लड़ाई के लिए एकताबद्ध होकर संघर्ष कर रहा हैं,

Read More
राजनीति

दलितों और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार से क्षुब्ध शिबू सोरेन राष्ट्रपति से मिले, ज्ञापन सौंपा

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के नेतृत्व में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 के मूल स्वरुप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए अध्यादेश लाने का निर्देश केन्द्र सरकार को देने एवं झारखण्ड सरकार द्वारा केन्द्र सरकार की आपत्ति के बावजूद दुबारा भूमि अर्जन पुनर्वासन

Read More
राजनीति

“अरे तोड़े से भाई टूटे ना ये मोदी-शाह की जोड़ी”, 39वें साल में भी भाजपा का जादू सर चढ़कर बोल रहा

6  अप्रैल 1980, जब भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ था तब किसी ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन भारतीय जनता पार्टी अपने बलबूते पर केन्द्र में सरकार बनायेगी। शुरुआती दौर में जब भी चुनाव होते थे, तो राज्य की विधानसभा चुनावों से लेकर केन्द्र के लिए लोकसभा के चुनावों तक भाजपा को निराशा हाथ लगती थी। कई राज्यों में तो उसे तीसरे स्थान पर उसे संतोष करना पड़ता था और भाजपा को लोग पिछलग्लू पार्टी से ज्यादा कुछ नहीं समझते थे,

Read More
राजनीति

EVM के जमाने में मुहर लगाकर जीताने का अनुरोध कर रहा आजसू कैंडिडेट मुनचुन राय

आजसू पार्टी से उप महापौर पद पर खड़े उम्मीदवार मुनचुन राय को पता ही नहीं है कि रांची नगर निगम का चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से होगा या मतपत्र के द्वारा। चुनाव प्रचार में लगे बैनर और वाहन पर ये जनाब रांची के मतदाताओं से निवेदन कर रहे है कि उन्हें लोग उनके चुनाव चिह्न पर मुहर लगाकर भारी मतों से विजयी बनाये, इसका मतलब है कि मुहर तभी लगेगा, जब चुनाव मतपत्रों के द्वारा संपन्न हो,

Read More
अपनी बात

बाबा बनिये, नेता को धकियाइये और फिर राज्य मंत्री का सत्ता सुख प्राप्त करिये…

ये माडर्न बाबा हैं, इन्हें मोक्ष से ज्यादा मंत्री पद चाहिए, क्योंकि शायद उन्हें इसी से सद्गति मिलेगी। आज के बाबाओं को सत्ता सुख चाहिए। आज के बाबाओं को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी चाहिए, साथ ही आज के बाबाओं को उद्योगपति भी बनना है, इसलिए उन्हें कौड़ी के भाव सरकारी जमीन भी चाहिए, ताकि वे भारत और विश्व के उद्योगपतियों को उनकी औकात बता सकें।

Read More
राजनीति

1950 से गिरिडीह में रहने का प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद भाजपा कैंडिडेट चुनाव मैदान में

नगर निकाय चुनाव में, भारतीय जनता पार्टी कैसे राज्य सरकार द्वारा बनाये गये नियमों व कायदा-कानून को ठेंगा दिखा रही हैं? उसका बहुत ही सुंदर उदाहरण है गिरिडीह नगर निगम का चुनाव। आश्चर्य यह भी है कि भाजपा द्वारा किये जा रहे इस कृत्य को समर्थन देने में राज्य के अधिकारियों का दल भी लगा हैं, जिससे यहां चुनाव नियमानुकूल, संवैधानिक तरीके से हो भी पायेगा या नहीं, इसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लग गया है।

Read More
अपराध

HC के नये भवन निर्माण में राज्य सरकार के अधिकारियों ने रामकृपाल कंस्ट्रक्शन पर कृपा लूटाए

बेचारे इंजीनियर क्या करेंगे? वो तो हुकुम के गुलाम है, जो हुकुम कहेंगे, बेचारे करते जायेंगे, झारखण्ड के हुकुम कौन है? ये बताने के लिए जरुरत भी नहीं, सभी जानते हैं कि यहां शासन कहां से चलता है और कौन चलाता है? अगर कोई विभागीय इंजीनियर जिसे रांची या बड़े शहरों में रहना है, अच्छी कमाई करनी है, अपनी पत्नी को विदेश का दौरा कराना हैं तो क्या करेगा?

Read More
राजनीति

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, एससी-एसटी ऐक्ट के खिलाफ नहीं, पर निर्दोषों को बचाना जरुरी

सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्पष्ट कहा कि वह एससी-एसटी ऐक्ट के खिलाफ नहीं हैं, पर निर्दोष लोगों को बचाना भी जरुरी हैं। केन्द्र सरकार द्वारा स्टे की मांग को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने तीन दिन में सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगा है। न्यायालय ने कहा है कि उसने ऐक्ट को कमजोर नहीं किया, पर गिरफ्तारी के सीआरपीसी के प्रावधान को परिभाषित अवश्य किया है।

Read More
राजनीति

भाकपा माले ने अपने विधायक के खिलाफ लिया कठोर निर्णय, सभी पदों से किया मुक्त

भाकपा माले ने अपने विधायक राज कुमार यादव को सभी पदों से आज मुक्त कर दिया। विधायक राज कुमार यादव पर आरोप है कि पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव के मतदान के दौरान सत्तापक्ष को मदद करने के उद्देश्य से जानबूझकर ऐसी गड़बड़ियां की, जिससे सत्तापक्ष को लाभ पहुंच जाये, इसे लेकर भाकपा माले की प्रतिष्ठा पर आंच आई।

Read More