Author: Krishna Bihari Mishra

अपनी बात

भाई वाह, मंत्री रेलवे सैलून का बेवजह इस्तेमाल करे तो ठीक, और विभागीय अधिकारी करें तो गलत

जब रेलवे का कोई अधिकारी या कर्मचारी गलत करें तो उस पर अनुशासनात्मक/विभागीय कार्रवाई हो जाये और विभागीय मंत्री करें, तो वह सदाचार हो जाये, उस मंत्री के उक्त कार्य को यह कहकर प्रतिष्ठित किया जाये कि अरे मंत्री है, उसे इतना तो हक बनता ही है। बार-बार पं. दीन दयाल उपाध्याय की सादगी का ढोल पीटनेवाली और मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन कर देनेवाली पार्टी के मंत्रियों का मंत्री बनने के बाद की उनकी जीवन शैली देखिये…

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अपनी बात

दिल्ली से आई थी, ये हंस/बोल/दौड़ रही थी, मात्र 15 दिनों में ये मर कैसे गई? रघुवर सरकार जवाब दो?

25 सितम्बर को दिल्ली से रांची 16 वैसी बच्चियों को लाया गया था, जिन्हें किसी न किसी तरह काम के नाम पर वहां बेच दिया गया था। रांची जंक्शन पर आई ये बच्चियां बहुत खुश थी, क्योंकि वह अपने घर वापस लौट रही थी। इन्हीं में से एक थी गोड्डा जिले से पहाड़िया जन-जाति की 17 साल की एक आदिवासी बच्ची। उसने अपने उपर हुए अमानवीय अत्याचार की ऐसी दर्द भरी दास्तान सुनाई, कि स्टेशन पर खड़ें सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गये।

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अपनी बात

स्वच्छ भारत मिशन को ही प्रभावित करने में लगा है रांची रेल मंडल, पुरुष शौचालय में लगा दिया ताला

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में हम प्रवेश कर चुके है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस वर्ष को स्वच्छता को समर्पित कर चुके है, पर उन्हीं के मंत्री और उन मंत्रियों के विभाग स्वच्छता को कैसे प्रभावित कर रहे है, उसका सबसे सुंदर उदाहरण है, रांची रेल मंडल का रांची जंक्शन, जिसके प्लेटफार्म नंबर दो पर निर्मित पुरुष शौचालय में हमेशा ताला लटका रहता है, जिसके कारण कई रेलयात्रियों को यत्र-तत्र, मल-मूत्र विसर्जित करते देखा जा सकता है।

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अपनी बात

आखिर अपने CM रघुवर दास एक ही डॉयलॉग को कब तक रिपीट करते रहेंगे?

आखिर एक ही डॉयलॉग को कितनी बार रिपीट करेंगे, मुख्यमंत्री रघुवर दास जी, जनता ये सभी डॉयलॉग सुनते-सुनते बोर हो गई, थोड़ा अपने डॉयलॉग में परिवर्तन लाइये, ये क्या एक ही बात को, कनफूंकवों के द्वारा, कान फूंकने पर हर जगह बोलते रहते हैं, क्या आपको नहीं लगता कि एक ही डॉयलॉग सुनकर लोग आपकी बातों पर हंसते भी है, जरा देखिये आपने ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड सम्मिट, जो आपही के सरकार द्वारा दिल्ली में आयोजित किया गया है,

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अपनी बात

पता नहीं, बिहारियों को ये कब समझ आयेगी कि बकरे और मुर्गे-मुर्गियां कटने के लिए ही पैदा होते हैं

पता नहीं, बिहारियों को ये बात कब समझ में आयेगी कि बकरे और मुर्गे-मुर्गियां कटने के लिए ही पैदा होते हैं, अगर आप बकरे और मुर्गे-मुर्गियां खुद को बनायेंगे तो यहीं होगा, जो आज गुजरात में हुआ। क्या ये सही नहीं कि बिहारी मजदूर कभी असम तो कभी तमिलनाडू में घृणा राजनीति के शिकार हुए, महाराष्ट्र में तो ये सिलसिला थमने का नाम ही नहीं लेता। कभी दिल्ली की सीएम रह चुकी कांग्रेस की वरिष्ठ नेतृ शीला दीक्षित भी ऐसे बयान दे चुकी है,

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राजनीति

कांग्रेस की नजर में झारखण्ड की जनता त्रस्त, मुख्यमंत्री रघुवर दास मस्त

अजय कुमार ने कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य के वर्तमान हालात को देखते हुए तो यहीं लग रहा है कि झारखण्ड की जनता त्रस्त और मुख्यमंत्री रघुवर दास मस्त। झारखण्ड पुलिस सुस्त और अपराधी चुस्त। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर को चावल व्यवसायी नरेन्द्र सिंह होड़ा की हत्या, कल भाजपा कार्यालय के पीछे मुक्ति गैस एजेसी से तीन लाख की लूट और आज बीस लाख के जेवर की लूट बता रहा है कि राज्य के हालात क्या है?

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राजनीति

कोडरमा में भी भाकपा माले की बल्ले-बल्ले, जनता का मिला समर्थन, भाजपा के खिलाफ लगे नारे

भाकपा माले ने कोडरमा में विशाल रैली कर, भाजपा को एक तरह से बता दिया, कि अब भाजपा कोडरमा संसदीय सीट, सदा के लिए भूल जाये, ऐसे तो जैसे-जैसे 2019 नजदीक आता जा रहा है, भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के उपर से भी भाजपा का भूत धीरे-धीरे उतरता जा रहा है और ठीक इसके विपरीत जहां कहीं भी भाजपा के खिलाफ रैलियां या सभाएं हो रही हैं, लोगों का हुजूम विशाल संख्या में जुट रहा है,

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अपनी बात

जब डीजीपी CM भक्ति में लीन हो जाये, तो समझ लीजिये, उस राज्य का भगवान ही मालिक है

रांची से प्रकाशित एक अखबार ‘प्रभात खबर’ आज झारखण्ड के पुलिस महानिदेशक डी के पांडेय का आधे पृष्ठ का साक्षात्कार प्रकाशित किया है। जब राज्य के किसी विशिष्ट पदों पर कार्यरत व्यक्ति को कोई अखबार आधा पृष्ठ या एक पृष्ठ या दो-दो पृष्ठ उनके चरणों में समर्पित कर दें, तो समझ लीजिये, दाल में काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। वह भी तब, जब वह व्यक्ति की महत्वाकांक्षा हिलोरें मार रही हो और जो उसे दायित्व मिला है,

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अपनी बात

लो आया मौसम सत्तापक्ष के नेताओं के चेहरे चमकाने का, उसके बदले मुंहमांगी रकम वसूलने का

रांची के विभिन्न इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग, बड़े-बड़े बैनर लगे हैं, जो लोगों को अपनी ओर बरबस आकर्षित कर रहे हैं। ये होर्डिंग और बैनर किसी राजनीतिक दल ने नहीं लगवाये हैं, दरअसल रांची से प्रकाशित अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने लगवाये है, क्योंकि अब अखबारों को भी पहचान का संकट हो गया है, इसलिए वे भी अपने यहां होनेवाले कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग व बैनर का सहारा लेते हैं, तथा सड़कों पर लगे बिजली के खंभों में उसे लटकवाते हैं।

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अपनी बात

गया-धनबाद इंटरसिटी के यात्रियों ने गोमो स्टेशन पर किया हंगामा, बेवजह ट्रेन रोके जाने से थे परेशान

गया से धनबाद को जानेवाली इंटरसिटी एक्सप्रेस कल ठीक 8.55 रात्रि में गोमो स्टेशन पहुंच गई। इसमें सवाल रेलयात्रियों को लगा कि अब उनका 30 किलोमीटर का शेष सफर जल्द ही खत्म हो जायेगा, लेकिन ये क्या उनकी ट्रेन गोमो स्टेशन पर लगी हुई है, और इसी बीच अन्य ट्रेनों को, सिग्नल ऑन कर चलाया जा रहा है, बस फिर क्या था, रेलयात्री आक्रोशित हो गये और स्टेशन मास्टर के कार्यालय में जाकर हंगामा करना शुरु कर दिया।

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