राजनीति

कोडरमा में भी भाकपा माले की बल्ले-बल्ले, जनता का मिला समर्थन, भाजपा के खिलाफ लगे नारे

भाकपा माले ने कोडरमा में विशाल रैली कर, भाजपा को एक तरह से बता दिया, कि अब भाजपा कोडरमा संसदीय सीट, सदा के लिए भूल जाये, ऐसे तो जैसे-जैसे 2019 नजदीक आता जा रहा है, भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के उपर से भी भाजपा का भूत धीरे-धीरे उतरता जा रहा है और ठीक इसके विपरीत जहां कहीं भी भाजपा के खिलाफ रैलियां या सभाएं हो रही हैं, लोगों का हुजूम विशाल संख्या में जुट रहा है, उसका मूल कारण भाजपा द्वारा दिखाये गये, वे दिवास्वप्ने हैं, जो कभी किसी जिंदगी में पूरी नहीं हो सकती।

आज कोडरमा में लाल झंडे के बैनर तले, हर तबका नजर आया। आप कह नहीं सकते कि इसमें केवल दलित या पिछड़े ही थे, इस सभा में बड़ी संख्या में सवर्ण भी दिखे, जो किसी न किसी प्रकार से, भाजपा के कुकर्मों से दुखी नजर आये। उनका कहना था कि 2019 में भाजपा की यहां से हार उतनी ही सुनिश्चित है, जितना की प्रतिदिन सूर्योदय का होना।

रैली में आये कई लोगों ने बताया कि भाजपा से मोहभंग होने का मूल कारण, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल व डीजल में लगातार हो रही वृद्धि, रसोई गैस के मूल्य में हो रही लगातार वृद्धि, तथा समाज में फैलाई जा रही वैमनस्यता है, कई लोगों ने बताया कि किसानी अब घाटे का सौदा हो रहा है, ऐसे में डीजल और खादों –बीजों के दामों में वृद्धि ने उन्हें कही का नहीं छोड़ा है, बड़े-बड़े उद्योगपति बड़े-बड़े घोटाले कर देश को चूना लगाकर, विदेश भाग गये, हमलोग कहां जाये, हमलोग तो हजार-पांच सौ में भी बैंकों के नजरों में, सरकार के नजरों में चोर नजर आते है, ऐसे में हमारे पास आनेवाले समय में जो विकल्प होगा, उसमें अपनी जीत तलाशेंगे और भाकपा माले औरों से तो बेहतर विकल्प के रुप में हैं ही, पिछले कई सालों से भाकपा माले कोडरमा में जनता के बीच अच्छी पैठ बनाई है, कुछ लोग बताते है कि कोडरमा ही नहीं, बल्कि गिरिडीह में भी भाकपा माले की उतनी ही अच्छी पकड़ है, जितनी कोडरमा में है।

अपने नेता का. दीपांकर भट्टाचार्य को सुनने आये, लोगों का कहना था कि परिवर्तन अवश्यम्भावी है। का. दीपाकंर भट्टाचार्य का कहना था कि भाजपा ने सर्वाधिक अगर नुकसान पहुंचाया है तो इस देश की धर्मनिरपेक्ष ढांचे का, इस पार्टी ने तो पांच सालों तक झूठ के सहारे ही देश चलाया। दलित नेता जिग्नेश मेग्वानी ने पीएम नरेन्द्र मोदी को अपने भाषण में जमकर लताड़ा, उन्होंने कहा कि इन दिनों जो गुजरात में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों पर सुनियोजित हमले किये जा रहे है, उसे किसी भी प्रकार से सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसी सरकार आई जो झूठ की बुनियाद पर टिकी है, और जहां किसी को बोलने तक की आजादी नहीं।

कोडरमा की भाकपा माले रैली को झामुमो का भी समर्थन मिला। झामुमो विधायक जगरनाथ महतो ने इस रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि मार्क्सवादी समन्वय समिति के अरुप चटर्जी भी इस रैली में नजर आये। आज की भाकपा माले रैली का कोडरमा और गिरिडीह संसदीय सीट पर प्रभाव पड़ना तय है, अगर भाकपा माले ने यहीं तेवर 2019 तक अपनाए रखा, तो कोडरमा के बुद्धिजीवियों का कहना है कि भाकपा माले की जीत तय है, क्योंकि भाजपा से लोगों का मोहभंग हो चुका है, लोग विकल्प की तलाश में भी है।