आखिर अपने CM रघुवर दास एक ही डॉयलॉग को कब तक रिपीट करते रहेंगे?

आखिर एक ही डॉयलॉग को कितनी बार रिपीट करेंगे, मुख्यमंत्री रघुवर दास जी, जनता ये सभी डॉयलॉग सुनते-सुनते बोर हो गई, थोड़ा अपने डॉयलॉग में परिवर्तन लाइये, ये क्या एक ही बात को, कनफूंकवों के द्वारा, कान फूंकने पर हर जगह बोलते रहते हैं, क्या आपको नहीं लगता कि एक ही डॉयलॉग सुनकर लोग आपकी बातों पर हंसते भी है, जरा देखिये आपने ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड सम्मिट, जो आपही के सरकार द्वारा दिल्ली में आयोजित किया गया है,

आखिर एक ही डॉयलॉग को कितनी बार रिपीट करेंगे, मुख्यमंत्री रघुवर दास जी, जनता ये सभी डॉयलॉग सुनते-सुनते बोर हो गई, थोड़ा अपने डॉयलॉग में परिवर्तन लाइये, ये क्या एक ही बात को, कनफूंकवों के द्वारा, कान फूंकने पर हर जगह बोलते रहते हैं, क्या आपको नहीं लगता कि एक ही डॉयलॉग सुनकर लोग आपकी बातों पर हंसते भी है, जरा देखिये आपने ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड सम्मिट, जो आपही के सरकार द्वारा दिल्ली में आयोजित किया गया है, उसमें क्या कह दिया?

“झारखण्ड संभावनाओं से भरा प्रदेश है। हमारे पास देश की 40 फीसदी खनिज संपदा है। हमारे पास कौशलयुक्त मेहनतकश लोग हैं। राजनीतिक अस्थिरता के कारण  झारखण्ड का विकास नहीं हुआ, लेकिन अब एक स्थिर सरकार है जहां आपके पास निवेश के अपार मौके हैं। झारखण्ड में देश ही नहीं, दुनिया के विकसित राष्ट्रों की बराबरी करने की क्षमता है। कोई भी निवेशक तभी आएगा, जब सरकार की नीति अच्छी हो, त्वरित निर्णय हो, पारदर्शी व्यवस्था हो। झारखण्ड में आपको सब मिलेगा। झारखण्ड में अब गठबंधन की राजनीति नहीं चलेगी। झारखण्ड ने गठबंधन वाली सरकार का दंश झेला है। पुराने अनुभवों के आधार पर जनता खिचड़ी सरकार को पसंद नहीं कर रही है। 14 साल के बाद पूर्ण बहुमतवाली सरकार बनने के बाद ही विकास कार्यों में तेजी आयी है। यह जनता अच्छी तरह से जानती है।”

अब आप बताइये, खुद चिन्तन करिये, कि ये जो इनवर्टड कौमा में जो बंद वाक्य/डॉयलॉग है, उसको आपने कहां और कितनी बार बोला है, आप चार साल से यही भज रहे हैं, जैसे एक भगवान का भक्त “हरे राम, हरे राम, राम राम हरे हरे” कहता है, ठीक उसी तरह आप “झारखण्ड संभावनाओं से भरा प्रदेश है…. जनता अच्छी तरह जानती है” का जप करते रहते है।

आप जो बार-बार कहते हैं कि पहली बार स्थिर सरकार आई है, पूर्ण बहुमतवाली सरकार आई है, क्या जनता इतनी बेवकूफ है, क्या वो नहीं जानती कि आपने सरकार बनाते ही, अपनी सरकार को स्थिर करने के लिए सबसे पहला जो काम किया, वह यह था कि आजसू को उसकी औकात बताने के लिए झारखण्ड विकास मोर्चा के पदलोलूप विधायकों को मंत्री और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर, उन्हें अपनी पार्टी में मिला लिया, जिसका केस अभी भी झारखण्ड विधानसभाध्यक्ष की अदालत में पेंडिंग है और राज्य की जनता ये भी जानती है कि यह तब तक पेंडिंग रहेगी, जब तक आपका शासनकाल पूरे पांच साल तक नहीं चल जाता।

क्या जनता नहीं जानती कि यहां बहुमत वाली सरकार नहीं चल रही, बल्कि आजसू के साथ गठबंधनवाली सरकार यहां चल रही है, जिसमें भाजपा में शामिल झाविमो की टिकट पर जीते झाविमो विधायकों का भी सहयोग है, फिर भी आप आजसू का नाम न लेकर, बहुमत-बहुमत चिल्लाते रहते है, जबकि जनता को आप कितना भी धोखा देने का प्रयास करें, पर सभी जानते है कि यहां भाजपा, आजसू और झाविमो को तोड़कर भाजपा में शामिल हुए लोगों के गठबंधन की सरकार चल रही है।

आप कहते है कि यहां स्थिर सरकार है, सच्चाई यह है कि यह स्थिर सरकार, इसलिए है कि केन्द्र में एनडीए की सरकार है और जिसमें भाजपा की मजबूत स्थिति है, जो किसी पार्टी के रहमोकरम पर नहीं है, जिस दिन केन्द्र से मोदी सरकार गई, जिसकी संभावना 2019 के लोकसभा चुनाव में स्पष्ट दिखाई पड़ रही है, उसके बाद आप शायद ही अपना पूरा टर्म कर पाये, क्योंकि फिर आपकी सरकार में शामिल लोगों में ऐसा भगदड़ मचेगा, जिसका अंदाजा सिर्फ और सिर्फ विद्रोही 24. कॉम को ही है, क्योंकि जो भी आज आपसे जुड़े है, वो त्याग या सेवा के लिए नहीं जुड़े, बल्कि आपसे जुड़ने में ही उनका स्वार्थ सिद्ध हो रहा है, इसलिए वे आपसे तब तक जुड़े है, जब तक केन्द्र में मोदी की सरकार है और जिस दिन वहां से मोदी की सरकार गई, फिर वहीं हालात होंगे, जो पूर्व के रहे हैं।

एक बात और ये कहना कि गठबंधन की सरकार से राज्य या देश को नुकसान  होता है, यह मिथक जितनी जल्दी हो, उसे हटा दीजिये, बहुत सारे प्रमाण है कि गठबंधन की सरकार ने ऐसे मिथकों को कई बार तोड़ा है, पिछले 19 सालों से देश में गठबंधन की ही सरकार तो चल रही है, क्या केन्द्र में एनडीए की सरकार नहीं चल रही, क्या इसके पहले केन्द्र में यूपीए की सरकार नहीं चल रही थी और इनके शासन में देश विकास नहीं कर रहा था, क्या अभी जो केन्द्र में मोदी की सरकार चल रही है, वह गठबंधन पर नहीं चल रही, क्या उसमें अन्य छोटे-छोटे दल शामिल नहीं, ये अलग बात है कि भाजपा इनके साथ गठबंधन करने के कारण, अकेले बहुमत की संख्या को पार कर गई, इसलिए आपसे अनुरोध है कि एक ही डॉयलॉग को बार-बार मत रिपीट कीजिये, जनता आजिज हो रही है आपके एक ही डॉयलॉग सुनते-सुनते, इसे समझने की कोशिश कीजिये, पर हमें नहीं लगता कि आप समझेंगे, क्योंकि आपको ठकुरसोहाती पसंद है, और कनफूंकवें तो वहीं करेंगे/कहेंगे, जो आपको पसंद है, क्यों कैसी रही?

Krishna Bihari Mishra

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