सीता के अपमान के चलते रावण, द्रौपदी के कारण कौरव, कहीं कमला के चलते भाजपा का न…
कहा जाता है, ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ तो क्या मान लिया जाय कि भाजपा के अंदर रह रहे बड़े-बड़े नेताओं के अंदर का विवेक मर गया, क्योंकि जो स्थितियां-परिस्थितियां दिखाई पड़ रही है, वो तो चीख-चीखकर यहीं कह रही हैं कि कांग्रेस तो सौ सालों के बाद भी दिखाई पड़ रही है, ये तो अपनी जवानी में ही बेमौत मर जायेगी। भाजपा को मारने के लिए कांग्रेस या अन्य दलों को कुछ करना भी नहीं है,
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