वाह री भारत की मीडिया, भारत के राजनीतिक दल और उसके नेता, और वाह री जयचंदों की जमात
मैं कभी-कभी सोचता हूं कि पृथ्वी राज चौहान के शासनकाल में तो एक जयचंद था, जिसने मुहम्मद गोरी का साथ दिया, तो भारत की दुर्दशा हो गई, वर्तमान में तो जयचंदों की बाढ़ सी आ गई हैं, ऐसे में इस देश का क्या हाल होगा? ऐसे तो ये जयचंद भारत के हर जगहों पर मिलेंगे पर फिलहाल इन जयचंदों की संख्या राजनीतिक दलों और पत्रकारिता क्षेत्र में अधिक है, कमाल है इन जयचंदों के बयानों को पाकिस्तानी मीडिया बहुत जल्दी से लपक रहा हैं
Read More