राहुल के एक बयान से पूरे पाकिस्तान में खुशी की लहर, पाकिस्तानी मीडिया, सेना और सरकार ने राहुल के बयान का किया समर्थन

पूरे पाकिस्तान में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब आज 21 विपक्षी दलों की बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त विपक्ष की ओर से एक साझा बयान में कहा कि सत्तारुढ़ दल के नेताओं द्वारा जवानों की शहादत का राजनीतिकरण करने पर सभी विपक्षी दलों ने चिन्ता व्यक्त की है। राहुल का इधर वक्तव्य जारी हुआ और उधर पाकिस्तानी मीडिया ने जमकर इस पर बवाल काटा तथा पूरे विश्व को यह बताने की कोशिश कर दी

पूरे पाकिस्तान में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब आज 21 विपक्षी दलों की बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त विपक्ष की ओर से एक साझा बयान में कहा कि सत्तारुढ़ दल के नेताओं द्वारा जवानों की शहादत का राजनीतिकरण करने पर सभी विपक्षी दलों ने चिन्ता व्यक्त की है। राहुल का इधर वक्तव्य जारी हुआ और उधर पाकिस्तानी मीडिया ने जमकर इस पर बवाल काटा तथा पूरे विश्व को यह बताने की कोशिश कर दी कि चूंकि ये जो भारत की ओर से पुलवामा के नाम पर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई हो रही है, वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ये सब नाटक चल रहे हैं, और प्रमाण के तौर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को पूरे विश्व के समक्ष रख दिया।

राहुल के ये अपरिपक्व बयान या यो कहिये की संयुक्त विपक्ष की ओर से जारी इस अपरिपक्व बयान ने भारतीय सेना के सारे साहसिक कार्यों पर पानी फेर दिया, साथ ही पूरे विश्व के देशों द्वारा आतंक के मुद्दे पर भारत को मिल रहे समर्थन की भी बाट लगा दी। दरअसल हमारे देश की यह सबसे बड़ी विडम्बना है, कि वर्तमान के नेता चाहे वह किसी भी दल के क्यों हो, वे देश से प्यार ही नहीं करते, वे अपनेअपने स्वार्थों से प्यार करते हैं, और उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं, बहुत हद तक नीचे जा सकते हैं, जिसका प्रमाण है राहुल गांधी का आज दिया बयान, जिसकी विवेचना पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी ओर से बखूबी कर दी।

कमाल की बात है कि दो दिन पूर्व जब भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर सैन्य कार्रवाई की, तो कांग्रेस समेत सभी दलों ने भारतीय वायु सेना के अदम्य साहस की सराहना की, किसी ने भी प्रधानमंत्री मोदी की इस भूमिका के लिए प्रशंसा नहीं की, शायद उन्हें लगता होगा कि चुनाव का समय है, कही खुद ही प्रशंसा कर देंगे तो फिर किस मुंह से दो महीने बाद इनके खिलाफ वोट मांगने जायेंगे।

राजनीतिक पंडितों का समूह तो खुलकर अब कहने लगा है कि 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायु सेना ने उसके घर में घुसकर कार्रवाई की तो ये वायु सेना का पराक्रम हो गया, तो क्या 1971 में अकेले श्रीमती इंदिरा गांधी सीमा पर जाकर युद्ध लड़ी थी? क्या उस वक्त भारतीय सेना नहीं थी, यानी आप के समय में जब देश को युद्ध का सामना करना पड़े तो श्रेय प्रधानमंत्री ले, और दूसरे के समय में देश को युद्ध का सामना करना पड़े तो सेना का कमाल। वाह क्या सोच है? तुम्हारे समय में कमाल हो तो कमाल और दूसरे के समय में कमाल हो तो बेकार की बातें।

जिस देश में ऐसेऐसे नेता होंगे, उस देश की हालत क्या होगी? यह पूरा विश्व जानता है। आज होना यह चाहिए था कि सभी के स्वर एक जैसे होते, पर यहां तो वोट ने सभी के जायके बदल दिये है। कमाल है, देश का एक सैनिक दुश्मन देश के हाथों में पड़ गया है, वह दुश्मन देश में रहने के बावजूद, शान से खड़ा है, चेहरे पर तनिक सिकन नहीं है, क्योंकि वह जानता है कि वह सैनिक है, पर यहां देश में रहनेवाले वोट के सौदागरों को देखिये, कैसेकैसे नौटंकी कर रहे हैं? कैसीकैसी हरकतें कर रहे हैं?

ये वहीं देश है, जो हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को गाना गाता है लाख फौजे लेके आये अमन का दुश्मन कोई, रुक नहीं सकता हमारी एकता के सामने, हम वो पत्थर है, जिसे दुश्मन हिला सकते नहीं, अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं और जब कोई अमन का दुश्मन सही में हमारे देश के अमन शांति को चुनौती देता है तो यही नेता बिल में घुस जाते हैं, सर कटाने की जगह सर झुकाते हैं, कंधार विमान अपहरण कांड उसका सबसे सुंदर उदाहरण है।

हालांकि लोग ये भी कहेंगे, ये तो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय में घटी थी, पर जनता को मालूम होना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी आंतकियों के आगे झूकने नहीं जा रहे थे, वे सैन्य कार्रवाई करने को तैयार थे, पर विपक्ष के दबाव के आगे उन्हें भी झूकना पड़ा और 192 विमानयात्रियों के बदले तीन खूंखार आतंकियों को छोड़ना पड़ गया, जिसके कारण आज भी हम हमेशा आतंकी  घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, नहीं तो उसी दिन आतंकियों को एक संदेश मिल जाता कि कुछ भी कर लो, भारत झूकेगा नहीं। 

पर यहां क्या है, हमारे देश के नेता अपने बेटे, बेटी, दामाद, बहू, पत्नीू, ससुराल में रह रहे साले-सालियों से आगे कभी सोचे हैं क्या? उन्हें तो सोतेजागते, वोट दिखाई पड़ता है, सचमुच आज राहुल ने ये बयान जारी कर पाकिस्तान का जो मनोबल बढ़ाया, उससे उन करोड़ों देशवासियों को झटका लगा हैं, जो भारत से बहुत ही प्रेम करते हैं। हम तो ईश्वर से यहीं प्रार्थना करेंगे कि हे ईश्वर, इस विपरीत परिस्थति में, थोड़ा कांग्रेसियों, विपक्षी दलों के अन्य सभी नेताओं तथा सत्ता का स्वाद चख रहे सत्तारुढ़ दल के नेताओं को सद्बुद्धि दो, ताकि भारत का सम्मान प्रभावित हो। भारतीय सेना को अपमान का सामना करना पड़े।

Krishna Bihari Mishra

3 thoughts on “राहुल के एक बयान से पूरे पाकिस्तान में खुशी की लहर, पाकिस्तानी मीडिया, सेना और सरकार ने राहुल के बयान का किया समर्थन

  1. BJP dwara attack ka rajneetikaran shayad aapki nazar me uchit hai Jo AAP vipaksh par zahar ugal rahe. Yedurappa ka statement ki air strike se 22 seat badegi b aapko avashya Khushi pradaan kiya hoga. Sorry Mishra just aapka prashansak Hoon par ye article se sahmat nahi. Mera personal opinion.

  2. आज हम भी असहमत है,,भाजपा ने अपने itcell से अध्यक्ष के जरिये या फिर pm के जरिये राजनीति करे, और दोष दूसरे पर,,सर जी ये सब चालू पैतरा है,,इनके चिरकुटई पर अंकुश लगे..।।

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