यह कैसी पत्रकारिता, जहां हारनेवालों, अलग विचारधारा रखनेवालों के लिए दिल में कोई इज्जत ही नहीं
अब मुझे किसी से पूछने की यह जरुरत नहीं, कि जब हमारे देश के सच्चे सपूत क्रांतिकारी अंग्रेजों के जूल्मों के खिलाफ लड़ते होंगे, और अंग्रेज जब उन्हें निशाना बनाते होंगे, तो अपने ही देश के कुछ लोग यह जरुर कहते होंगे कि इन मूर्खों को क्या जरुरत थी, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने की, भला अंग्रेजों से कोई जीत सकता हैं, जिनका सूर्य कभी अस्त नहीं होता।
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