विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस को मार गोली, फिलहाल हर-हर मोदी बोल और जब राहुल युग आयेगा तो राहुल-राहुल चिल्लाना
कल यानी 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस था। कई अखबार मेरे सामने पड़ी थी। कई चैनलों व पोर्टलों के दृश्य मेरे आंखों के सामने तैर रहे थे। मेरे आंखों के सामने पड़ी अखबारों, चैनलों व पोर्टलों के दृश्यों में से मैं विश्व, प्रेस, स्वतंत्रता और दिवस को ढूंढ रहा था, पर अफसोस की इन चार शब्दों को छोड़ बाकी सारे शब्द मेरे सामने बड़ी संख्या में पड़े थे, जिससे हमको कोई लेना देना नहीं था,
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