भारत को मिली बड़ी सफलता, मसूद अजहर वैश्विक आतंकवादी घोषित, पाकिस्तान को चीन ने दिया करारा झटका

संयुक्त राष्ट्र संघ से भारत के लिए बहुत ही अच्छी खबर है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पाकिस्तानी आंतकी व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आंतकवादी घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने इसकी पुष्टि कर दी है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पाकिस्तानी आतंकी व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिये जाने के बाद, भारत में हर्ष की लहर है,

संयुक्त राष्ट्र संघ से भारत के लिए बहुत ही अच्छी खबर है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पाकिस्तानी आंतकी व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आंतकवादी घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने इसकी पुष्टि कर दी है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पाकिस्तानी आतंकी व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिये जाने के बाद, भारत में हर्ष की लहर है, वहीं पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान का सबसे प्यारा हमसफर चीन जो बार-बार मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आंतकवादी घोषित करने से रोकता था, उसने इस बार अपने हाथ खींच लिये।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के पास हुए आंतकी घटना में इसी के संगठन का हाथ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 से भी अधिक जवान शहीद हो गये थे। इस घटना की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी, जिसका पूरे देश में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा, इस घटना से सभी भारतीय विचलित हो गये थे। इस हृदय विदारक घटना के बाद भी भारत का सबसे बड़ा शत्रु व पाकिस्तान का परम मित्र चीन क्रूरता दिखाने से बाज नहीं आया, उसने मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित कराने में अड़ंगा लगाता रहा, जिसकी कई देशों ने कड़ी निन्दा भी की, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने प्रयास नहीं छोड़ा, आज चीन ने पूरे विश्व के आगे अपना कदम पीछे खींच लिया।

मसूद अजहर पर प्रतिबंध लग जाने से पाकिस्तान एक बार फिर पूरे विश्व के सामने नंगा हो गया कि उसके देश में आंतकी पलते हैं, वह आंतकियों का पनाहगार है, हालांकि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने में काफी समय लग गये, पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासनकाल में 2009 में भारत ने यह प्रस्ताव रखा था, फिर 2016 में पीएम नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयास से भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस को अपने साथ मिलाने में सफलता पाई और 1267 प्रतिबंध परिषद् के समक्ष दूसरी बार इस प्रस्ताव को रखा, उसके बाद 2017 में तीसरी बार रखा गया।

जहां चीन ने अपने परम मित्र पाकिस्तान को खुश करने के लिए वीटो का इस्तेमाल कर दिया, फिर इस साल मार्च 2019 में भी चीन ने यहीं हरकत किया,  जिसकी बहुत सारे विश्व के देशों ने कड़ी निन्दा की, पर आज जिस प्रकार से तैयारी की गई थी, चीन की एक न चली और उसने अपने कदम खींच लिये और मसूद अजहर आज के समय में वैश्विक आंतकी है। इधर मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान में भी इसका गहरा असर पड़ा है, कल तक जो चीन के कंधे पर बैठ मसूद अजहर की तारीफ करने से पाकिस्तानी मीडिया इतरा रही थी, आज उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, और वे बड़े ही दबे मन से इस समाचार को प्रकाशित/प्रसारित कर रहे हैं।

इसमें कोई दो मत नहीं कि मसूद अजहर को वैश्विक आंतकवादी घोषित कराने में पीएम नरेन्द्र मोदी की बड़ी भूमिका रही हैं, हो सकता है कि भारत में चल रहे लोकसभा चुनाव में ये चुनावी मुद्दा भी बन जाये, क्योंकि पुलवामा घटना के बाद मोदी सरकार की पाकिस्तान के खिलाफ क्या भूमिका रही, उन्होंने क्या-क्या किया, जाने-अनजाने सभी में भारत की जनता की नजर मोदी सरकार पर हैं, और जिस प्रकार आज समाचार प्राप्त हुआ, इसमें कोई दो मत नहीं कि इसका श्रेय पीएम नरेन्द्र मोदी को ही जायेगा, क्योंकि जो काम आज हुआ, वह एक सशक्त सरकार ही कर सकती थी, दूसरा कोई नहीं, तो क्या शेष चरण में होनेवाले चुनावों में भाजपा को सचमुच जनता वोट करेगी, या सामान्य ढंग से इसी प्रकार जनता का मूड बना रहेगा। इसका उत्तर भविष्य के गर्भ में हैं।

Krishna Bihari Mishra

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