आर्य समाज द्वारा स्वामी अग्निवेश के बयान का खंडन, कहा – कांग्रेस को समर्थन नहीं, राष्ट्र को मजबूत करनेवाले दल को समर्थन

हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश द्वारा यह बयान दिया गया कि आर्य समाज के संगठन ने लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। इस संबंध में कल आर्य समाज की सर्वोच्च संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरेशचंद्र आर्य (प्रधान), प्रकाश आर्य (मंत्री) एवं पद्मभूषण धर्मपाल जी ने भाग लिया।

हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश द्वारा यह बयान दिया गया कि आर्य समाज के संगठन ने लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। इस संबंध में कल आर्य समाज की सर्वोच्च संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरेशचंद्र आर्य (प्रधान), प्रकाश आर्य (मंत्री) एवं पद्मभूषण धर्मपाल जी ने भाग लिया।

बैठकोपरांत निर्णय लिया गया कि स्वामी अग्निवेश न तो आर्य समाज के अधिकारिक प्रवक्ता है और न ही अधिकारी। ऐसे में किसी पार्टी को समर्थन देने का बयान उनका बेहद ही निजी है। आर्य समाज की किसी राजनीतिक दल के साथ कोई प्रतिबद्धता नहीं है। आर्य समाज विशुद्ध रुप से सामाजिक-सांस्कृतिक एवं गैर राजनीतिक संगठन एवं स्वतंत्र संस्था है, जो अपने राष्ट्र, सनातन वैदिक धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों की मजबूती के लिए कार्य कर रहा है।

सभी ने यह भी कहा कि आर्य समाज किसी दल विशेष का समर्थन नहीं करता है। आर्य समाज से जुड़े लोग स्वतंत्र है और लोकतंत्र का आदरपूर्वक सम्मान करते हुए उन लोगों का समर्थन करते है, जो भारतीय राष्ट्रवाद एवं सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा राष्ट्र को मजबूत सरकार देने में सक्षम है और उसी को वोट करेंगे, ताकि हमारा भारत फिर से विश्व गुरु बन सकें। इस बात की जानकारी सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के उप-सचिव एवं प्रवक्ता विनय आर्य ने दी।

इधर झारखण्ड के सुप्रसिद्ध आर्य समाजी आर्य भारत भूषण ने भी कहा कि अग्निवेश का आर्य समाज से कोई लेना-देना नहीं है। यह व्यक्ति आर्य समाज से निष्कासित वामपंथी एवं नक्सली समर्थक है। इसके द्वारा की गई कोई भी घोषणा फर्जी एवं आधारहीन है, सभी आर्यजन उससे और उसके वक्तव्यों से सावधान रहें।

Krishna Bihari Mishra

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