Author: Krishna Bihari Mishra

अपराध

लक्षण ठीक नहीं दीख रहे खूंटी के, सांसद के गार्डों को किया अगवा, हथियार भी लूटे

खूंटी का मसला हल नहीं हो रहा। जिस इलाके में कुछ दिन पहले पांच महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था, वहां एक बार फिर आज तनाव दिखा। बताया जाता है कि आज घाघरा, मंदरुडीह, हुदाडीह और मतगड़ा के इलाकों में पत्थलगड़ी का कार्यक्रम था, जिसे पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की, जिसका पत्थलगड़ी समर्थकों ने विरोध भी किया तथा वहां से पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया,

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अपनी बात

झारखण्ड में अघोषित आपातकाल, CM के खिलाफ बोलना युवाओं को पड़ रहा महंगा

झारखण्ड (हालांकि ज्यादातर लोग पूरे देश में अघोषित आपातकाल होने की बात करते हैं।) में अघोषित आपातकाल चलानेवाले आज 25 जून 1975 के दिन श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा लागू किये गये आपातकाल की 43 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, वह भी व्यापक स्तर पर। हम आपको बता दे कि ये 25 जून कोई पहली बार नहीं आया है, हर साल आता हैं,

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अपनी बात

PM नरेन्द्र मोदी जी, संभल के, कहीं आपातकाल के चक्कर में दांव उल्टा न पड़ जाये…

भारत सरकार के डीएवीपी ने आज एक विज्ञापन जारी किये हैं, जो आपातकाल से संबंधित हैं। इस विज्ञापन से केन्द्र सरकार ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है,तथा इसके माध्यम से एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को जनता की नजरों में नीचा दिखाने की कोशिश की है। ऐसा नहीं कि आपातकाल में सब कुछ गलत था, या आपातकाल से देश को नुकसान हो गया।

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अपनी बात

विश्वनाथ प्रताप सिंह, पिछड़ों का मसीहा, जो न घर का रहा, न घाट का

कल पूर्व प्रधानमंत्री एवं पिछड़ों के मसीहा वी पी सिंह का जन्म दिन था। हमें लगा कि कल उनके चाहनेवाले, तथा उनके नाम पर कभी राजनीति करनेवाले, या उनके नेतृत्व को स्वीकार करनेवाले, उन्हें दिल से याद करेंगे, पर झारखण्ड ही नहीं, बल्कि देश के किसी भी भाग में, ऐसा कही भी देखने को नहीं मिला। बिहार की राजधानी पटना में सिर्फ एक कार्यक्रम आयोजित किया गया,

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राजनीति

ये आग भड़क चुकी है, चुनाव आते-आते भाजपा नेता-कार्यकर्ता इसमें राख हो जायेंगे

भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को लेकर धीरे-धीरे जनाक्रोश बढ़ता जा रहा हैं, और लोगों की गोलबंदी संपूर्ण विपक्ष की ओर स्वतः स्फूर्त होती जा रही है। आज संपूर्ण विपक्ष ने झारखण्ड के प्रत्येक जिलों में भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ धरना दिया। रांची में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने अपनी पार्टी की ओर से मोर्चा संभाला,

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अपराध

सात दिन बीत गये, CM रघुवर की पुलिस को घटनास्थल तक जाने में छूट रहे पसीने

खूंटी के अड़की गैंग रेप के सात दिन बीतने को आये, पर पुलिस की हिम्मत नहीं कि वह उस स्थल पर पहुंच जाये, जहां दुष्कर्म की घटना घटी थी। राज्य के बड़े-बड़े पुलिस आलाधिकारी प्रतिदिन खूंटी पहुंचते हैं, पर उनकी इतनी हिम्मत नहीं कि वे खूंटी से आगे निकल सकें, जबकि जिन पर दुष्कर्म के मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हैं,

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अपराध

पुलिस ने बताया रांची में हुए दुष्कर्म मामले में किसी भी ऑटोचालक का हाथ नहीं

अभी खूंटी के अड़की गैंग रेप का मामला ठंडा ही नहीं पड़ा कि एक नाबालिग आदिवासी बच्ची के साथ रांची में दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आ गया। बताया जाता है कि रांची में कार्यरत एक टेंट की दुकान में काम करनेवाले एक शख्स ने एक रास्ता भटकी आदिवासी बच्ची के साथ रात भर दुष्कर्म करता रहा।

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अपराध

अल्फोंस तू बता, तूझे फादर किसने बना दिया? महिलाओं को बचाना छोड़, तूने…

फादर अल्फोंस आइन्द, पत्थलगड़ी समर्थक अजूब सांडी पूर्ति व आशीष लोंगो की अड़की गैंग रेप में की गई गिरफ्तारी, और इस कांड में पीएलएफआइ की सहभागिता अब साफ बता रही है कि पत्थलगड़ी में लगे लोगों के इरादे नेक नहीं हैं, अगर इन पर अभी से ही कड़ा ऐक्शन नहीं लिया गया तो ये आगे चलकर पूरे आदिवासी समाज ही नहीं,

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अपनी बात

CM रघुवर के विकास की धज्जियां उड़ा रहा है, वेल्लोर की ओर जानेवाली सभी ट्रेनें

जिस राज्य में नेता, सरकार और अखबारों-चैनलों के प्रतिनिधि जनता की सेवा को त्यागकर, एक साथ मिलकर गोवा सागर तट पर पवित्र स्नान करते हैं, उस राज्य की सामान्य जनता अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए, इधर-उधर भटकते हुए, इसी प्रकार ट्रेन से कटकर मरती रहती हैं। यह मैं इसलिए लिख रहा हूं कि हमें सूचना मिली है कि…

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अपनी बात

सिस्टम का शिकार हो गया मैं, सिर्फ एक रात के लिए शवगृह का प्रबंध नहीं कर सका

21 जून 2018, रांची अपने किराये के मकान में विश्राम कर रहा था। अचानक समीर जी का कॉल अपनी पत्नी के मोबाइल पर आया। उन्होंने बताया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। जैसे ही यह समाचार पता चला। अपना पूरा परिवार गम में डूब गया, क्योंकि समीर जी का परिवार और अपना परिवार पूर्व में कई वर्षों तक एक ही किराये के मकान में गुजारे थे।

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