झारखण्ड में पारदर्शिता-ईमानदारी का रट लगाते रहिये और तीन साल में पुल को धूल में मिलाते रहिये
गोड्डा में एक घटना घटी है, वहां आज एक भारी-भरकम पुल ध्वस्त हो गया। ऐसे ये कोई नई बात नहीं है, हमारे देश में इससे भी बड़े-बड़े पुल ध्वस्त हो जाते हैं, किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, न सरकार को और न जनता को, क्योंकि सभी को पता होता है कि पुल के निर्माण के पीछे उद्देश्य क्या होता है? इसलिए जनता इस पर अब ज्यादा बोलती भी नहीं और न नेताओं को गरियाती है, क्योंकि वह जानती है कि…
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