कोलेबिरा उपचुनाव को लेकर सुबोधकांत ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

कोलेबिरा विधानसभा का उप-चुनाव भयमुक्त व निष्पक्ष कराने को लेकर कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय के नेतृत्व में झारखण्ड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल. ख्यांगते से मिला। कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, आलोक दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं खुद वे भी शामिल थे।

कोलेबिरा विधानसभा का उप-चुनाव भयमुक्त व निष्पक्ष कराने को लेकर कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय के नेतृत्व में झारखण्ड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल. ख्यांगते से मिला।  कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, आलोक दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं खुद वे भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने एल. ख्यांगते को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें कहा गया है कि कोलेबिरा उपचुनाव को प्रभावित करने की शिकायतें बड़ी तादाद में मिल रही है। इस उपचुनाव में झापा प्रत्याशी मेनन एक्का के पति पूर्व विधायक जो पारा शिक्षक के हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी के रुप में जेल में बंद है, उनके द्वारा उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए लोगों को मोबाइल से फोन कर धमकी भरे लहजे में बहु-भाभी को ही वोट देने की बात कहे जाने की शिकायत, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय जनता के द्वारा उनके प्रतिनिधियों से किये जाने पर कांग्रेस पार्टी ने इस संवेदनशील विषय को राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाना श्रेयस्कर समझा।

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि एक तरफ कांग्रेस के स्थानीय नेता नियेल तिर्की जो चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिये जाते हैं और जब उनसे मिलने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार जैसे वरीय नेता सिमडेगा जेल में मिलने जाते हैं तो उन्हें जेल मैन्यूअल एवं नियमों का हवाला देते हुए मिलने से रोक दिया गया कि समय ज्यादा हो चुका है, सप्ताह में सिर्फ तीन लोगों के ही मिलने का प्रावधान हैं।

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि अलग-अलग लोगों के लिए कानून की व्याख्या अलग कैसे हो सकती है? जेल मैन्यूअल का अनुपालन सभी जेल में समान रुप से होनी चाहिए, फिर यह कैसे संभव हो रहा है कि उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए जेल से मोबाइल पर फोन आना, लोगों को जेल में मुलाकात करने के लिए बुलाया जाना, राज्य सरकार की कार्यशैली की पोल खोलता है।

काग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने कहा कि ये एक बेहद गंभीर मामला है, उनकी मांग है कि इसकी उच्चस्तरीय जांच हो, जो लोग भी इस मामले में सहयोगी है, उनके उपर भारतीय दंड विधान के तहत कार्रवाई की जाये, एवं कोलेबिरा विधानसभा उपचुनाव भयमुक्त वातावरण हो, इसके लिए चुनाव अवधि तक संबंद्ध व्यक्ति को राज्य से बाहर किसी जेल में स्थानांतरित किया जाये। मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड अविलम्ब कांग्रेस के पत्र पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दें, ताकि निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव संपन्न हो सके।

Krishna Bihari Mishra

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