स्वामी स्मरणानन्द बने YSS बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के वाइस प्रेसिडेंट, ईश्वरानन्द बने जेनरल सेक्रेटरी

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया एवं सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द गिरि ने YSS बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में दो महत्वपूर्ण बदलाव किये। स्वामी स्मरणानन्द को वाइस प्रेसिडेंट तथा स्वामी ईश्वरानन्द को जेनरल सेक्रेटरी बनाया गया। स्वामी स्मरणानन्द गत् 2002 से वाईएसएस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सदस्य के रुप में शामिल हुए तथा 2007 में जेनरेल सेक्रेटरी भी बनाये गये थे,

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया एवं सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द गिरि ने YSS बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में दो महत्वपूर्ण बदलाव किये। स्वामी स्मरणानन्द को वाइस प्रेसिडेंट तथा स्वामी ईश्वरानन्द को जेनरल सेक्रेटरी बनाया गया। स्वामी स्मरणानन्द गत् 2002 से वाईएसएस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सदस्य के रुप में शामिल हुए तथा 2007 में जेनरेल सेक्रेटरी भी बनाये गये थे, फिलहाल कल शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई।

स्वामी चिदानन्द गिरि ने स्मरणानन्द गिरि को वाइस प्रेसिडेंट पर नियुक्त करते हुए स्वामी स्मरणानन्द गिरि द्वारा किये गये कार्य की महती प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वामी स्मरणानन्द ने गुरुदेव की पवित्र क्रिया योग शिक्षाओं के मार्गदर्शन और नेतृत्व के तहत व्यापक प्रसार किया है, तथा इनके द्वारा समर्पित कार्य सभी के द्वारा प्रशंसित किये गये हैं।

स्वामी चिदानन्द गिरि ने कहा कि स्वामी ईश्वरानन्द, अब स्वामी स्मरणानन्द का स्थान लेकर जेनरेल सेक्रेटरी का कार्यभार संभालेंगे। स्वामी चिदानन्द गिरि ने स्वामी ईश्वरानन्द के कार्यों की भी प्रशंसा की तथा उनके सेवा भावों की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि सेल्फ रियलाइजेशन सोसाइटी एवं योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के लांस एजिल्स में स्थित अतंरराष्ट्रीय कार्यालय में, उन्होंने पांच वर्षों तक विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया हैं।

स्वामी चिदानन्द गिरी ने विश्वास व्यक्त किया कि आनेवाले समय में स्वामी स्मरणानन्द और स्वामी ईश्वरानन्द को भगवान और गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा, और वे पुनः इन्हीं आशाओं और विश्वास के साथ गुरुओं और भगवान की सेवा में लगकर आत्ममुक्त शिक्षा के प्रचार-प्रसार में स्वयं की क्षमता का भरपूर उपयोग करेंगे।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

सावधान झारखण्ड के CM रघुवर दास, सावधान BJP, अब पप्पू पास हो रहा है

Sat Dec 8 , 2018
जब राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की बिजली गुल हो गई तो झारखण्ड की स्थिति क्या होगी? इसे समझने की जरुरत हैं, क्योंकि यहां न तो वसुंधरा राजे सिंधिया, न ही शिवराज सिंह चौहान और न ही रमन सिंह जैसा शख्स शासन कर रहा हैं, यहां तो शत प्रतिशत् झारखण्ड की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करनेवाले शख्स के हाथों में नरेन्द्र मोदी ने शासन की बागडोर थमा दी है,

Breaking News