अपराध

CM रघुवर के अतिप्रिय एवं यौन शोषण के आरोपी ढुलू को गिलुआ ने बिना जांच कराएं ही दे दी क्लीन चिट

धनबाद भाजपा की जिला मंत्री कमला कुमारी न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं, वह धनबाद से रांची और रांची से धनबाद एक किये हुए हैं। उसका जीना मुहाल कर दिया है, प्रशासन और बाघमारा के ही असामाजिक तत्वों ने, फिर भी वह संघर्ष पर आमदा है। उसे लगता है कि एक न एक दिन उसे न्याय अवश्य मिलेगा, पर ये क्या जिस पार्टी में वह जिला मंत्री है, उसी का प्रदेश अध्यक्ष सीएम रघुवर दास के अतिप्रिय बाघमारा के भाजपा विधायक ढुलू महतो को क्लीन चिट दे दी है।

जनाब लक्षमण गिलुवा ये बातें, धनबाद में पत्रकारों के बीच कही। लक्ष्मण गिलुआ के अनुसार यौन शोषण के आरोप में दम ही नहीं है, मामला 2015 का है, तो इतने दिन महिला कहां थी, पहले मामले को लाना चाहिए था। लगता है, इसमें सच्चाई ही नहीं है। जनाब इसी मामले में गिरिडीह के सांसद रवीन्द्र पांडे को भी क्लीन चिट दे दी है। उनका कहना है कि दोनों को बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया है। दोनों को क्लीन चिट देने के साथ ही उनका ये भी कहना था कि वैसे इस मामले की पार्टी जांच कर रही है।

जनाब लक्षमण गिलुआ भाजपा के अब तक के सबसे होनहार प्रदेश अध्यक्ष हैं और वे दुमका जाने के दौरान कुछ देर धनबाद परिसदन में अपनी थकान उतारने के लिए थोड़ी देर ठहरे थे, उन्होंने यह भी कहा कि शो-कॉज जो ढुलू महतो को दिया गया था, उसका जवाब उन्हें मिल गया है, जनाब कई दिनों से बाहर ही बाहर है, इसलिए वे देख नहीं पाये हैं। दोनों का जवाब देखने के बाद मामले को कमेटी के हवाले कर देने की बात उन्होंने की, कमेटी जो रिपोर्ट देगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। गिलुआ का कहना था कि आजकल गजब स्थिति हो गई है, हाल ही में एमजे अकबर साहब पर पन्द्रह साल बाद आरोप लगा दिया गया, इसे क्या कहेंगे?

अब सवाल उठता है कि जब लक्ष्मण गिलुआ, जो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष है, जो बिना शो-कॉज के जवाब देखे ही क्लीन चिट दे देने की घोषणा कर दिये, वे कमेटी का जवाब क्यों और कैसे मानेंगे और क्या कमेटी प्रदेश अध्यक्ष के सोच के खिलाफ जवाब देगी?  दूसरी बात जब वे खुद ही कह रहे हैं कि एम जे अकबर को पन्द्रह साल के बाद यौन उत्पीड़न का आरोप लगा दिया गया, तो फिर एम जे अकबर को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बाहर क्यों किया गया, क्यों नहीं वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहकर एमजे अकबर को भी क्लीन चिट दिलवाकार केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् में शामिल करवा देते हैं, वे सांसद भी है और झारखण्ड जैसे प्रदेश के होनहार अध्यक्ष भी, उनकी बात तो नरेन्द्र मोदी, तुरन्त सुन लेंगे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ का धनबाद में दिया गया बयान साफ बता देता है कि भाजपा ने सीएम रघुवर दास के अतिप्रिय बाघमारा के विधायक ढुलू महतो को शो कॉज कर, सिर्फ ड्रामेबाजी की, और ड्रामेबाजी के माध्यम से इन्होंने इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने की शर्मनाक कोशिश की। इस घटना ने यह भी सिद्ध कर दिया कि भाजपा में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं, भाजपा के नेता महिलाओं का सम्मान नहीं करते, बल्कि उन्हें समय आने पर कटघरे में भी खड़ा करने से नहीं चूकते, जो भाजपाइयों के चाल-चरित्र को उजागर कर देता है।

अब सवाल यह भी है कि जब भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बिना शो-कॉज का जवाब देखे, बिना पूरा प्रकरण की स्वतंत्र रुप से जांच कराये, क्लीन चिट देने का ढिंढोरा पीट रहा हैं, तो वहां यह कैसे समझा जाये कि यहां की पुलिस गलत करनेवाले नेताओं के खिलाफ एक कदम भी आगे बढ़ेगी, शायद यहीं कारण है कि कमला कुमारी की सुननेवाला कोई नहीं, और ढुलू जैसे लोगों की तो बल्ले-बल्ले हैं, क्योंकि सीएम और प्रदेश अध्यक्ष तक जब उसकी मुट्ठी में हैं, तो उसका कौन और क्या बिगाड़ लेगा? अब तो कमला कुमारी को भगवान की अदालत से ही न्याय मिले तो मिले, यहां तो सब पहले से ही अपना माइन्ड सेट कर चुके हैं कि करना क्या है? वाह री भाजपा, वाह रे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और वाह रे भाजपा की ओर से बनाये गये झारखण्ड के मुख्यमंत्री।