परमहंस योगानन्द लिखित पुस्तक ‘एक योगी की आत्मकथा’ ने मेरी जिंदगी ही बदल डाली – रजनीकांत
दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध सुपर स्टार और हिन्दी फिल्मों में भी अपनी गहरी पकड़ रखनेवाले सुप्रसिद्ध अभिनेता रजनीकांत का कहना है कि उनके जीवन में एक पुस्तक ने ऐसी उधम मचाई कि उनके जीवन को ही पूरी तरह से पलट कर रख दिया, वो पुस्तक थी “परमहंस योगानन्द द्वारा लिखित पुस्तक – एक योगी की आत्मकथा”। उनका कहना है कि 1978 में इन्होंने पहली बार इस पुस्तक को खरीदा और करीब 25 वर्षों तक वे इस पुस्तक के सम्पर्क में रहे,
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