2014 में संसद का चौखट, 2019 में संविधान, अब 2024 में किसके आगे मत्थे टेकियेगा, मोदी जी ये भी बता ही दीजिये
भाई, ये तो मानना ही पड़ेगा कि भारत का मतदाता अब परिपक्व हो गया हैं, पिछले दो बार से वो जिसे भी सत्ता दे रहा हैं, उसे छप्पड़ फाड़कर थमा दे रहा हैं, ताकि आप ये बोल नहीं सके, कि हमें कुछ करने का मौका इसलिए नहीं मिला, क्योंकि हमारे पास बहुमत नहीं था। आपको दो-दो बार स्पष्ट बहुमत थमाया, अब आप के पास झूठ बोलने का कोई स्कोप ही नहीं है।
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