भाड़ में जाये अब भाजपा का नीति-सिद्धांत, अगर कोई भ्रष्ट या अनैतिक हैं तो क्या, हम कौन से दूध के धुले हैं?
तुम कार्यकर्ता हो, तुम संघ के स्वयंसेवक हो, तुम गालियां ही खाने के लिए बने हो और जब तक जिन्दा रहोगे, देश और पार्टी के नाम पर गालियां खाते रहो और हम तुम्हारी छाती पर पांव रखकर देशसेवा का ढोंग कर, अपने परिवार अथवा प्रेमी-प्रेमिकाओं का भरण-पोषण करते रहेंगे, अपने जीवन-स्तर को बेहतर बनाते रहेंगे, और रही बात तुम पर कृपा की, तो ये तुम्हारी किस्मत है,
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