सुचित्रा हत्याकांड का आरोपी व BJP नेता शशिभूषण को माफ करने को संघ के स्वयंसेवक भी तैयार नहीं

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सुचित्रा मेहता हत्याकांड का आरोपी शशिभूषण के भाजपा में शामिल होने का बवाल फिलहाल थमता नजर नहीं रहा। इधर न्यूज चैनल अखबारों में धनबल से इस मामले को दबाने का भरसक प्रयास किया जा रहा हैं, पर सोशल साइट में ये मामला धीरेधीरे गरम होता जा रहा हैं।

आश्चर्य हैं कि इस मामले में संघ के स्वयंसेवक भी गर्म हैं और इस मामले को वे सोशल साइट पर पूरजोर ढंग से उठा भी रहे हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा के प्रबल समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि भाजपा के लिए ट्रोलर का काम करनेवाले लोग भी वर्तमान भाजपा नेतृत्व शीर्षस्थ नेताओं से इस मामले को लेकर खफा हैं, तथा उन पर सवालिया निशान भी उठा रहे हैं। संजीव मिश्र तो साफ कहते है कि सारे ब्राह्मण समुदाय को इस मामले को लेकर एकताबद्ध होना चाहिए, तथा इसको लेकर एक प्रतिवाद मार्च भी निकालना चाहिए।

प्रवीण प्रियदर्शी का कहना है कि भाजपा में काफी दिनों तक रहा हूं, उस समय जो हमें नैतिकताशुचिता की जो पाठ पढ़ाते थे, अब उनकी शृगाली मौन पर गरियाने का मन भी नहीं करता।

संजय कृष्ण कहते है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीन दयाल उपाध्याय ने देश के लिए बलिदान दिया। अब कुलदीप सिंह सेंगर, चिन्मयानन्द, शशिभूषण भाजपा के नये भूषण हैं। या देवी सर्वभूतेषु

आनन्द कुमार कहते है कि व्यापारी बुद्धि कहती है कि भूषण चाहे पांकी में पड़ा क्यों हो, जौहरी उसे पहचान कर उसका उचित मोल लगाये। लेकिन शास्त्र कहता है

दुर्जन परिहर्तव्य: विद्याsलंकृतोsपि सन्। 

मणिना भूषितः सर्पः किमसो न भयंकर:।।

अर्थात् दुर्जन विद्या से अलंकृत हो फिर भी उसका त्याग करना चाहिए। मणि से भूषित सर्प क्या भयंकर नहीं होता?

प्रवीण प्रियदर्शी कहते है कि कुलदीप सेंगर मामले में वाहवाही से प्रेरित भाजपा ने अब शशिभूषण मेहता को पार्टी में शामिल किया, वाह सर जी किप इट अप

पवन दूबे कहते है कि जब अपने पास बहादुर कार्यकर्ता है, तो हिजड़ों के भरोसे चुनावी वैतरणी पार करने की साजिश क्यों?

जितेन्द्र पाठक के शब्दों में पं. दीन दयाल उपाध्याय जी के विचारों की हत्या का सटीक उदाहरण है रघुवर सरकार।

रविशंकर पांडेय का कहना है कि राजनीति वो रंगमंच है, जहां कल का जानी दुश्मन आज मित्र बन जाता है और नाले का बजबजाता पैखाना भी इत्र बन जाता है।

एस के आजाद कहते है कि झारखण्ड, जहां राजनीति हत्यारों और अपराधियों की महफूज जगह हैं?

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