“अंगूली मत कर” या “वोट मत कर” या “वोट कर”, रांची में लगे एक होर्डिंग को देख मतदाता कन्फ्यूज्ड
बिहार में एक लोकोक्ति है, आपने जरुर ही सुनी होगी। वह लोकोक्ति है कि “सब कुत्ता काशी चल जायेगा, तो हड़िया कौन ढनढनायेगा?” और ठीक इसी पैटर्न पर मैं कहता हूं कि दुनिया के सभी लोग विज्ञापन एक्सपर्ट ही हो जायेंगे तो जमीन पर पड़ी जनता को सही बात कौन समझायेगा? कहने का मतलब, कोई जरुरी नहीं कि आप जो समझ रहे हैं, या जो जनता को समझाना चाह रहे हैं, वो जनता समझ ही रही हैं,
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