रांची योगदा मठ के स्मृति मंदिर में ध्यान कर रही विदेशी महिला, जो सभी के आकर्षण का केन्द्र बन गई
पांच जनवरी। योगदा सत्संग मठ। मैं अपनी धर्मपत्नी के साथ योगदा सत्संग मठ पहुंचा, क्योंकि वहां परमहंस योगानन्द जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा था। ऐसे भी मुझ पर परमहंस योगानन्द जी की बहुत बड़ी कृपा रही हैं। मैं मानता हूं कि पूरा भारत ही संतों, महात्माओं का देश हैं। मेरी तो महत्वाकांक्षा है कि भारत में जितने भी ऋषि-महर्षि या संत-महात्माओं से जुड़े जो स्थल है, उनका दर्शन करुं और स्वयं को धन्य करुं। देखते हैं, ईश्वर हमें इसमें कहां तक सहायता पहुंचाते हैं?
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