भाई वाह, IPRD का निदेशक कौन होगा, अब रांची के अखबारों के संपादक और विज्ञापन प्रबंधक तय करेंगे?
जब से हेमन्त सोरेन मुख्यमंत्री बने हैं। सर्वाधिक परेशान अगर कोई हैं तो यहां के विभिन्न अखबारों के संपादक और विज्ञापन से जुड़े वे मठाधीश हैं, जिनका लगभग दो महीनों से मुंह सुखा हुआ है, क्योंकि आइपीआरडी यानी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से जो इन्हें मुंहमांगी रकम मिला करती थी, उस पर एक तरह से विराम लगा हुआ है। यह विराम कब समाप्त होगा, इसको लेकर ये नाना प्रकार के तरकीब तैयार कर रहे हैं,
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