सरहुल पर रांची के जोरार बस्ती के युवाओं ने लिया संकल्प, सबको दिखाया रास्ता, कैसे लड़े कोरोना से?
झारखण्ड की राजधानी रांची के नामकोम प्रखण्ड का जोरार बस्ती। आज सरहुल पर्व है। आदिवासियों का एक प्रमुख पर्व। जिसमें सारे आदिवासी थिरकते हैं, नाचते हैं, गाते हैं, उमंग व उल्लास में रहते हैं, पर आज इस बस्ती में ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा। तो आखिर दिख क्या रहा हैं? दिख रहा हैं – सिर्फ और सिर्फ कोरोना से अपने गांव को बचाने की जागरुकता। जो शहरी क्षेत्रों में रहनेवाले मुहल्लों के लोगों के बीच नहीं दिखती।
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