हर बात में ‘अमित खरे’ को हीरो बनाने की परम्परा जितनी जल्दी हो बंद होनी चाहिए
आज एक बार फिर रांची के कुछ अखबारों ने अपनी आधुनिक पत्रकारीय ठकुरसोहाती परम्परा के अनुरुप राज्य की जनता के समक्ष समाचार प्रस्तुत कर दिये। अखबारों का कहना है कि देश में जो नई शिक्षा नीति लागू होने जा रही है, उसमें अमित खरे की बहुत बड़ी भूमिका है, अर्थात् जैसे लगता है कि देश में नई शिक्षा नीति को लागू करने में सिर्फ और सिर्फ इनकी ही भूमिका है, बाकी लोग इनके सामने तुच्छ थे, या जो पूर्व में उच्च शिक्षा सचिव रहे और उन्होंने जो इसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया, उनकी कोई भूमिका ही नहीं थी।
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