मैं अछूत हूं!
कोई अखबार मेरा आर्टिकल छापेगा तो आप उसे विज्ञापन देना बंद कर दोगे, कोई मुझे थोड़ा पढ़ाने का समय देगा तो आप उस पर भी रोक लगा दोगे, ये कैसी तुम्हारी गंदी सोच हैं भाई। मुझे तुम्हारी इस गंदी सोच पर दया आती है। पूरे झारखण्ड को तुमने तालिबान बनाकर रख दिया है। तुम्हें जो करना हैं करो, पर मैं तुम्हें बता देता हूं कि मैं तुम्हारी इस हरकत से न तो परेशान होनेवाला हूं और न ही डरनेवाला और न ही विचलित होनेवाला हूं।
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