बिहारी महिलाओं का मजाक उड़ानेवाली मैत्रेयी को बिहारी महिला रत्ना पुरकायस्था का करारा जवाब

बिहार की महिलाओं को अपमानित करनेवाली तथा उनका मजाक उड़ानेवाली साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा अब खुद मजाक बन कर रह गई है। बिहार की तेजतर्रार संभ्रात महिलाएं इसे अपनी आन-बान-शान से जोड़ लिया है। वे संयुक्त रुप से सोशल साइट पर उनके बयान का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। चूंकि आजकल हर बात में, खुद को प्रगतिशील कहलाने के चक्कर में कई वामपंथी महिलाएं अथवा खुद को प्रगतिशील कहलाने में ज्यादा …

बिहार की महिलाओं को अपमानित करनेवाली तथा उनका मजाक उड़ानेवाली साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा अब खुद मजाक बन कर रह गई है। बिहार की तेजतर्रार संभ्रात महिलाएं इसे अपनी आन-बान-शान से जोड़ लिया है। वे संयुक्त रुप से सोशल साइट पर उनके बयान का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। चूंकि आजकल हर बात में, खुद को प्रगतिशील कहलाने के चक्कर में कई वामपंथी महिलाएं अथवा खुद को प्रगतिशील कहलाने में ज्यादा विश्वास रखनेवाली महिलाएं, ऐसी-ऐसी बयान दे रही है, जिससे परंपराओं व संस्कृतियों में विश्वास रखनेवाले परिवारों को गहरा आघात लग रहा है।

अपनी परंपराओं और संस्कृतियों में विश्वास रखकर भारतीयता तथा अपने बिहारीपन को सजाने एवं संवारने में लगी इन बिहारी महिलाओं को तब गहरा धक्का लगता है, जब कोई महिलाएं खुद को ज्यादा मॉडल बनाने के चक्कर में ऐसा बयान दे डालती है, जो उनके स्वाभिमान को ललकारता है। जैसे कल की ही बात है मैत्रेयी पुष्पा ने कह डाला कि “छठ के त्यौहार में बिहारवासिनी स्त्रियां मांग, माथे के अलावा नाक पर भी सिंदूर क्यों पोत लेती है?  कोई खास वजह होती है क्या?” जिसका जवाब बड़ी संख्या में बिहार की महिलाएं दे रही है।

आकाशवाणी में कई सालों तक अपनी सेवा देने के बाद, फिलहाल दुरदर्शन से जुड़ी वरीय अधिकारी श्रीमती रत्ना पुरकायस्था ने मैत्रैयी पुष्पा को बहुत अच्छा जवाब दिया है, उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर मैत्रेयी पुष्पा का बयान भी डाला है और खुद का खिलता हुआ चेहरा, वह भी माथे और नाक तक सिंदूर लगाये फोटो के साथ डाल दिया है और साफ कह भी दिया है कि मैं, “पहले भारतीय हूं, फिर बिहारी और बंगाली हूं, बिंदी सिंदूर और साड़ी मेरी पहचान और संस्कार है, बाकी लोग??? सोचे, मेरी मर्जी, हम बिहारी सब पर भारी” कमाल की बात है कि श्रीमती रत्ना पुरकायस्था के इस पोस्ट पर भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों का बहुत बड़ा वर्ग खुलकर इनका समर्थन कर रहा है, इस पोस्ट में अभी तक एक भी नकारात्मक कमेन्टस नहीं आये है, सभी ने रत्ना पुरकायस्था का समर्थन किया है।

ऐसे हम आपको बता दें कि श्रीमती रत्ना पुरकायस्था, कोई सामान्य महिला नहीं है, ये पूरे राज्य व राज्य के बाहर “रत्ना दीदी” के नाम से जानी जाती है, कई संस्थाओं ने उनके सुंदर व्यवहार व रचनात्मक कार्यों के लिए सम्मानित भी की है। आज भी श्रीमती रत्ना पुरकायस्था के चाहनेवालों की संख्या कम नहीं। वे जिस क्षेत्र में गई है, उन्होंने अपने कार्यों के आधार पर लोगों का दिल जीता, न कि मैत्रेयी पुष्पा की तरह विवादास्पद बयानों तथा दूसरे को नीचा दिखाकर। श्रीमती रत्ना पुरकायस्था का बिहार की महिलाओं की ओर से मैत्रेयी पुष्पा को दिया गया जवाब, बिहार के सभी नागरिकों को भा रहा है।

Krishna Bihari Mishra

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