अपनी बात

अपनी बात

‘दैनिक भास्कर’ व ‘हिन्दुस्तान’ ने अर्घ्य का गलत समय बता छठव्रतियों के भावनाओं के साथ खेला

रांची के अखबारों ने एक बार फिर, रांची के छठव्रतियों एवं उनके परिवारों के भावनाओं के साथ खेलने का काम किया है। रांची से प्रकाशित ‘दैनिक भास्कर’ और ‘हिन्दुस्तान’ ने तो हद कर दी है। इन दोनों अखबारों ने आज और कल यानी सूर्यास्त तथा सूर्योदय के अर्घ्य के समय को शत प्रतिशत गलत बताया है, जबकि ‘दैनिक जागरण’ और ‘प्रभात खबर’ ने कुछ हद तक सही समय बताने की कोशिश की है।

Read More
अपनी बात

इरफान हबीब की सोच और BBC की हिन्दी सेवा से भारतीयों को सर्वाधिक सावधान होने की जरुरत

भारत में 2019 में लोकसभा के चुनाव होने हैं। इस लोकसभा चुनाव को देख तथा कुछ राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों को लेकर विदेशी मीडिया में शामिल इस्लामिक/ईसाई/वामपंथी, विद्वानों/पत्रकारों/इतिहासकारों को भारत देश की चिन्ता सता रही हैं, चिन्ता उन्हें ज्यादा सता रही है, जिन्होंने कभी कार से उतरकर, बचपन में किसी दुकान से लेमनचूस नहीं खरीदा और न ही,

Read More
अपनी बात

भाजपाइयों, विरोधियों का इज्जत करना भी सीखो, नहीं तो 2019 में कहां फेकाओगे, पता नहीं चलेगा

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता खफा है, खफा होने के कारण भी है, गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने अपने स्वभावानुसार शिबू सोरेन के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है। जब भाजपा के नेता अपने विरोधियों के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो हमें आश्चर्य नहीं होता, क्योंकि अब तो यह भाजपा का श्रृंगार हो चुका है, क्योंकि जिस राज्य का मुख्यमंत्री, वह भी विधानसभा में, विपक्षी नेताओं के लिए आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग करता है, तो वहां फिर कुछ बचता नहीं हैं।

Read More
अपनी बात

न नगर निगम पर भरोसा और न कभी मांगी मदद, न इन्होंने पहुंचाई, खुद लगाया जोर, चमक गये छठ घाट

चुटिया पावर हाउस के पास है छठ तालाब। जहां बड़ी संख्या में कृष्णापुरी, रामनगर, रेलवे कॉलोनी, अयोध्यापुरी, अमरावती कालोनी, साई कालोनी, चुटिया आदि के हजारों संख्या में छठव्रती एवं उनके परिवार भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए पहुंचते हैं। रांची नगर निगम में पड़नेवाले इस छठ घाट पर किसी की नजर नहीं है। उनकी भी नजर नहीं जो यहां छठ घाट पर अर्घ्य देने के लिए आते हैं, या अपने लिए घाट पहले से ही छेक लेते हैं।

Read More
अपनी बात

झारखण्ड हित में CM रघुवर बड़प्पन दिखाना सीखें और अखबार ठकुरसोहाती छोड़ मर्यादा में रहें…

आज रांची से प्रकाशित ‘दैनिक भास्कर’ ने प्रथम पृष्ठ पर ‘अपने CM रघुवर इमेज बनाओ अभियान’ के अंतर्गत या कहिये कि ‘अपने विज्ञापन लाओ अभियान’ स्वभावानुसार एक फोटो छापी है। फोटो में सीएम रघुवर दास और रतन टाटा है। सीएम रघुवर बैठे है और रतन टाटा संभवतः अपनी बातों को रखने के लिए अपनी कुर्सी से उठ रहे हैं, जिन्हें सीएम रघुवर बैठे ही बैठे अपने एक हाथ से उन्हें सहारा देते हुए उठा रहे हैं।

Read More
अपनी बात

झारखण्ड में CM के घर दिवाली के दिन पसरे सन्नाटे और अर्जुन मुंडा की कातिल अदा की चर्चा जोरों पर

जरा इस फोटो को ध्यान से देखिये, ये फोटो दिवाली के दिन का है, जब मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के घर, दिवाली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। दिवाली की शुभकामनाएं देने के बाद जनाब कुछ समय के लिए अर्जुन मुंडा के पास बैठे और फिर शुरु हो गई गुफ्तगूं, तभी अर्जुन मुंडा के चाहनेवालों ने ये फोटो खीच ली, फोटो तो रघुवर दास के लोगों ने भी खींची, और सीएम के सोशल साइट पर इस फोटो को डाल दिया,

Read More
अपनी बात

काश मर्दों के लिए भी विश्व की सर्वाधिक बुद्धिमान रघुवर सरकार, झारखण्ड में अलग से बजट पेश करती

आज सुबह-सुबह उठा, अखबार उलटा, तो पता चला कि अपनी राज्य सरकार बच्चों के लिए अलग से बजट पेश करेगी, यानी राज्य में 2019-20 में बच्चों के लिए अलग से बजट पेश होगा। ऐसे भी रघुवर सरकार हर बजट सत्र के पूर्व कुछ नया करने का प्लान बनाती है, भले ही उस प्लान का आगे चलकर बंटाधार ही क्यों न हो जाये, ऐसे भी किसी ने ठीक ही कहा है कि ये जानकर कि आनेवाले समय में उक्त प्लान का बंटाधार हो ही जाना है,

Read More
अपनी बात

दिवाली की रात, पटाखों की आवाज और वो घबराई नन्हीं चिड़ियां का मेरे घर आना

दिवाली की रात, यही कोई आठ या नौ बज रहे होंगे। अचानक एक छोटी सी चिड़िया मेरे किराये के मकान के एक कमरे में आ गई। वह बहुत घबराई हुई थी। छोटे से कमरे में वह एक छोर से दूसरे छोर तक उड़ती-फरफराती दौड़ लगा रही थी, कभी वह पंखे के उपर बैठ जाती, कभी लोहे के सिकर पर बैठ जाती तो कभी छोटे से छज्जे पर रखे सामानों पर बैठ जाती। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें? क्या न करें?

Read More
अपनी बात

खिसकती जमीन देख CM रघुवर को याद आयी पांचवी अनुसूची, रांची बुलाया संविधान विशेषज्ञ को

भाजपा की स्थिति झारखण्ड में दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। आदिवासियों के बीच अच्छी खासी अलोकप्रिय हो चुकी भाजपा को अचानक भारतीय संविधान की पांचवी अनुसूची याद आने लगी हैं, भाजपा के लोग आदिवासियों को अपनी ओर खींचने के लिए, अभी से ही नाना प्रकार के तिकड़म भिड़ाने शुरु कर दिये हैं, उसी में एक है लोकसभा के पूर्व महासचिव पद्मभूषण डा. सुभाष कश्यप का रांची आगमन।

Read More
अपनी बात

अगर आप इवेंट मैनेजमेंट नहीं जानते तो ‘राहुल’ और इवेंट मैनेजमेंट जानते हैं तो ‘नरेन्द्र मोदी’

दरअसल भारत एक अनोखा देश है, यहां के लोग यह नहीं देखते कि उसका नेता या उसका प्रिय पत्रकार करते क्या हैं? वे तो सिर्फ यह देखते है कि वो कहता/लिखता क्या है? अगर वह बहुत अच्छा बोलता/कहता/लिखता है, तो बहुत बढ़िया है, चाहे वह हमारा गर्दन ही क्यों न उतार लें या चाहे वह देश की अर्थव्यवस्था या देश को ही गिरवी क्यों न रख दें।

Read More