न नगर निगम पर भरोसा और न कभी मांगी मदद, न इन्होंने पहुंचाई, खुद लगाया जोर, चमक गये छठ घाट

चुटिया पावर हाउस के पास है छठ तालाब। जहां बड़ी संख्या में कृष्णापुरी, रामनगर, रेलवे कॉलोनी, अयोध्यापुरी, अमरावती कालोनी, साई कालोनी, चुटिया आदि के हजारों संख्या में छठव्रती एवं उनके परिवार भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए पहुंचते हैं। रांची नगर निगम में पड़नेवाले इस छठ घाट पर किसी की नजर नहीं है। उनकी भी नजर नहीं जो यहां छठ घाट पर अर्घ्य देने के लिए आते हैं, या अपने लिए घाट पहले से ही छेक लेते हैं।

चुटिया पावर हाउस के पास है छठ तालाब। जहां बड़ी संख्या में कृष्णापुरी, रामनगर, रेलवे कॉलोनी, अयोध्यापुरी, अमरावती कालोनी, साई कालोनी, चुटिया आदि के हजारों संख्या में छठव्रती एवं उनके परिवार भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए पहुंचते हैं। रांची नगर निगम में पड़नेवाले इस छठ घाट पर किसी की नजर नहीं है। उनकी भी नजर नहीं जो यहां छठ घाट पर अर्घ्य देने के लिए आते हैं, या अपने लिए घाट पहले से ही छेक लेते हैं।

ध्यान उनका भी नहीं, जो बार-बार छठव्रतियों के लिए बेहतर घाट उपलब्ध कराने का दावा करते हैं, हमारा इशारा राज्य सरकार, नगर विकास विभाग तथा नगर निगम की ओर हैं, पर यहां रह रहे समाजसेवी प्रकाश चौधरी और उनकी टीम की नजर यहां बराबर रहती हैं, इस तालाब पर जो लोग व्रत करने आये, उन्हें कोई दिक्कत न हो, इनकी प्राथमिकता में रहती है।

दिवाली आने के पहले ही, छठ तालाब की सफाई ये मजदूरों को बुलाकर करवाना शुरु कर देते हैं, यहीं नहीं मजदूरों का खर्च, तालाब की सफाई, उसमें कीटनाशक दवाओं का छिड़काव का भी प्रबंध यहीं करते हैं, नगर निगम के सफाईकर्मी या अधिकारी इस छठ तालाब पर दिखाई नहीं पड़ते, पर जिस दिन अर्घ्य पड़ रहा होता है, इसका श्रेय लेने के लिए नेताओं व मंत्रियों का जमावड़ा जरुर लग जाता हैं।

पिछले साल विद्रोही24.कॉम से बातचीत में नगर विकास मंत्री सी पी सिंह ने कहा कि इस तालाब में रिसाव हो रहे डीजल को रोकने का वे प्रयास करेंगे, जब वे छठ घाट का निरीक्षण करने पिछले वर्ष आये थे, पर सच्चाई यह है कि डीजल का रिसाव अब भी इस छठ घाट में बराबर हुआ करता है, क्योंकि इसके ठीक तालाब से सटे ट्रासफार्मर की मरम्मति का काम होता है, जिससे डीजल का रिसाव रुकने का नाम नहीं ले रहा, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी है, अगर नगर विकास मंत्री चाह लें तो उनके लिए ये बाये हाथ का खेल है, पर चार साल बीतने को आये, ये काम कब वो करेंगे, शायद इसका उत्तर भी वे इस बार दे नहीं पायेंगे।

प्रकाश चौधरी ने विद्रोही 24.कॉम को बताया कि छठ ऐसा महापर्व है, कि इसकी विशालता और ग्राह्यता समाज को स्वीकार्य हैं, उन्हें खुशी होती है, लोगों को सेवा करने में। बस इसी को लेकर वे छठ तालाब घाट की सफाई में विशेष रुचि लेते हैं। वे कहते है कि उन्हें खुशी है कि बिना किसी प्रशासकीय सहयोग के यहां के छठ घाटों की ऐसी सफाई हो गयी कि ऐसी सफाई अन्य जगहों पर नहीं देखने को मिलेंगी। वे छठ घाट पर विद्युत सज्जा का भी कार्य करेंगे ताकि मां-बहनों को यहां आने में किसी भी प्रकार का असुविधा न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम सेवा में लगी है, जब तक वे जीवित है, यह सेवा कार्य इसी प्रकार चलता रहेगा, भले ही सरकार के लोग सहयोग करें या न करें, अपना काम है सेवा करना, तो बस करते रहना है। यहां छठ घाट पर आकर व्रत करनेवालों का परिवार भी छठ तालाब की ऐसी अद्भुत साफ-सफाई देखकर आश्चर्यचकित है, उनका कहना है कि ऐसी सफाई तो स्वर्णरेखा नदी घाट पर भी नहीं है, ये लोग सफाई में लगे लोगों तथा प्रकाश चौधरी की टीम को बधाई देते नहीं थक रहे।

Krishna Bihari Mishra

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