धर्म

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भला गोविंदा, कान्हा की मटकी क्यों फोड़ेंगे?

अरे भाई कान्हा कब से मटकी लेकर इठलाने लगे? कि गोविंदाओं को कान्हा की मटकी फोड़ने की जरुरत पड़ गई। क्या गोविंदा और कान्हा, अलग-अलग हैं, सुबह से माथा खराब हो गया हैं मेरा। एक अखबार है, आंदोलनवाला। इसमें गजब की होनहारों की टीम हैं, जो बेसिर-पैर की हेडिंग लगा देती है और जनता कन्फ्यूज्ड।

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श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का हमारे जीवन से गहरा जुड़ाव रहा है। मेरे घर में जन्माष्टमी कई वर्षों से बहुत ही धूम-धाम से भी मनाया जाता रहा है, जो आज भी जारी है। मैं बचपन से देखता आ रहा हूँ कि जन्माष्टमी की सुबह अपने घर में लड्डू गोपाल, वंशीधर और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को साफ करने का सिलसिला शुरु हो जाता। बड़ी ही खुबसूरती से उन्हें सजाने का काम, वस्त्र पहनाने का काम, तथा सही जगह पर उन्हें स्थापित करने का कार्य प्रारंभ हो जाता।

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गांधी के कंधे पर बंदूक रखकर रघुवर ने चलाई धर्मांतरण की गोली

सरकार बताएं कि कल जो राज्य के प्रमुख अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर विज्ञापन छपवाएं गये, उसमें जो महात्मा गांधी के बयान को उद्धृत किया गया है, वह किस प्रमाणिक पुस्तक या किस पूर्व में प्रकाशित समाचार पत्र/पत्रिका या ऑडियों का हिस्सा है। जनता जानना चाहती है।

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क्या सरकार द्वारा धर्मांतरण पर विज्ञापन के माध्यम से किसी समुदाय को टारगेट करना ठीक हैं?

उपर में भगवान बिरसा मुंडा और स्व. कार्तिक उरांव जी की तस्वीर है, इनके अगल-बगल पं. दीन दयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी और झारखण्ड सरकार का लोगो हैं। पूरे एक पृष्ठ के विज्ञापन में एक ओर महात्मा गांधी की तस्वीर और नीचे मुख्यमंत्री रघुवर दास का लोक-लुभावन चित्र दिया गया है। विज्ञापन में लिखा है – भगवान बिरसा मुंडा और स्व. कार्तिक उरांव का सपना पूरा करने की दिशा में पहल।

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…और पूरा हो गया बाबा वैद्यनाथ और वासुकिनाथ धाम की महातीर्थयात्रा

जिस पूर्णिमा में श्रवण नक्षत्र का संयोग होता है, वहीं भारतीय माह श्रावण मास कहलाता है, जो भारतीय महीने का पांचवा और बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना भगवान शिव और उनके भक्तों का महीना है, कहां जाता है कि इस पूरे माह में शिव के प्रति भक्ति प्रकट करने से, शिव अपने भक्तों के समस्त कष्ट हर लेते है, शायद यहीं कारण है कि विभिन्न शिवालयों में

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जानिये रक्षाबंधन को, भद्रा को, इस बार पड़ रहा हैं विशेष चूड़ामणि योग

कहा भी जाता है श्रावण शिव जी का माह है और जब श्रावण में सोमवार और पूर्णिमा दोनो साथ हो, जिस चंद्र को शिव जी धारण करते हो, तो उसकी महत्ता कितनी बढ़ जाती है, ये समझने की आवश्यकता है। याद रखे, यह चूड़ामणि योग तभी बनता है, जब सोमवार को चंद्रग्रहण लगता है, और यहां तो वैशिष्ट्यता का अंबार है, इसलिए यह सुखद है, मंगल को देनेवाला है। विद्वान बताते है कि ऐसा संयोग दुर्लभ है, क्योंकि बहुत कम के जीवन में ऐसा दुर्लभ योग चूड़ामणि योग का संयोग देखने को मिलता है।

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ज्यादा इतराइये मत रघुवर का काम है कानून बनाना और फिर उसे अमल में नहीं लाना

झारखण्ड सरकार ने जबरन धर्मांतरण को संज्ञेय अपराध माना है। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। कैबिनेट के इस मंजूरी के बाद से, झारखण्ड में बहुत लोग इतरा रहे हैं। ये इतरानेवाले वे लोग हैं, जो कई वर्षों से झारखण्ड में चल रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। झारखण्ड में धर्मांतरण के ज्यादातर शिकार आदिवासी है, क्योंकि गरीबी के शिकार इन भोलेभाले आदिवासियों को धर्म के मूल स्वरुप का पता हीं नहीं है,

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यकीन मानिये, ये कबीर, रहीम, रसखान सभी को उलटा लटका कर जान ले लेते…

यकीन मानिये, अगर आज रहीम, कबीर, रसखान, जायसी जैसे मुसलमान जिंदा होते, तो इन्हें भी आज की जाहिलों की टीम, काफिर कहकर, इस्लाम खतरे में हैं कहकर, उलटा लटका देती, इनकी जान ले लेती। अच्छा हुआ वे, ये दिन देखने के पहले ही, ये महान शख्स दुनिया से चले गये। यह मैं इसलिए लिख रहा हूं कि कल बिहार की राजधानी पटना में घटना घटी।

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मन न रंगाये, रंगाये जोगी कपड़ा…

श्रावण की तीसरी सोमवारी झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास भगवान भोले के शरण में गये। उनके साथ उनका कुनबा भी था। उन्होंने जमशेदपुर स्थित शिव मंदिर में भगवान भोले को जलार्पण किया और उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त किया। हम चाहेंगे कि भगवान भोले उन पर कृपा बरसाये, ताकि वे कनफूंकवें के चक्कर में न पड़े।

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यह तो बाबा वैद्यनाथ और वासुकिनाथ जानेवाले तीर्थयात्रियों के आंखों में धूल झोंकना हुआ…

याद करिये, मुख्यमंत्री रघुवर दास का वो बयान – देव तुल्य श्रद्धालुओं, क्या कोई भी व्यक्ति जिसके जुबां से निकले, देवतुल्य श्रद्धालुओं। वह देवतुल्य श्रद्धालुओं के साथ ऐसा व्यवहार करता है। जरा ध्यान से देखिये, इस आलेख में दिये गये तस्वीरों को, कैसी व्यवस्था है – वैद्यनाथधाम की, बाबा मंदिर की ओर जानेवाले रास्तों की…

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