धर्म

2018 से हर वर्ष झारखण्ड महोत्सव

झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि वे आनेवाले वर्ष 2018 से प्रतिवर्ष झारखण्ड महोत्सव आयोजित करायेंगे। इससे पूरा विश्व झारखण्ड की गौरवशाली संस्कृति को नजदीक से देख पायेगा व गौरव महसूस करेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास, कल संध्या राजभवन के बिरसा मंडप में आयोजित करम पर्व के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड की पहचान उसकी संस्कृति है, उसके गीत-संगीत है। लोग दिन भर के काम की थकान नाच-गाकर दूर करते हैं। झारखण्ड की अलौकिक संस्कृति को देखते हुए ही, उन्होंने हर गांव में अखड़ा बनाने का फैसला लिया, ताकि यह संस्कृति सदैव बरकरार रहे। रघुवर दास के अनुसार, आनेवाली पीढ़ी, अपने संस्कृति को देखें, समझे, उस पर गर्व महसूस करें, इसके लिए हमें अपनी भाषा, परम्परा और संस्कृति को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि इन्हीं सभी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए, उन्होंने जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के शोध के लिए शोध संस्थान बनाने हेतु 3.58 करोड़ रुपये से नये भवन बनाने की स्वीकृति प्रदान की है।

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों का हर गीत प्रकृति से जुड़ा है, आदिवासी प्रकृति की पूजा करते हैं। हमारे बीच विभिन्नताएं है, पर हम हर त्यौहार मिलजुल कर मनाते हैं। करम पर्व पूरे राज्य का त्यौहार है, यह हमें नहीं भूलना चाहिए। इस अवसर पर राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने भी करम पर्व पूर्व संध्या आयोजित इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और एक दूसरे को बधाई दी।