Author: Krishna Bihari Mishra

अपनी बात

एक टवीट ने कुछ लोगों की नींद उड़ा दी

अद्वैत हेब्बार की एक ट्वीट ने पूरे झारखण्ड में तहलका मचा दिया है, जो लोग उन्हें जानते हैं, जिनकी उनकी इस ट्वीट पर नजर पड़ी, उसने इसकी एक फोटो ले ली और वायरल कर दिया। सूत्र बताते है कि ये पूरा मामला झारखण्ड से जुड़ा है, पर अद्वैत हेब्बार की इस ट्वीट में कहीं भी झारखण्ड का जिक्र नहीं है, लेकिन इज आफ डूइँग बिजनेस, बेटे का व्यवसाय में निवेश आदि के मामले होने के कारण लोग इसे झारखण्ड से जोड़ कर देख रहे हैं,

Read More
अपनी बात

बाबा राम-रहीम के गुंडों से ज्यादा दोषी वे नेता और मीडिया के लोग हैं, जो ऐसे कालनेमि पैदा करते हैं

पहले कालनेमियों को हर प्रकार से आगे बढ़ाओगे, जब यहीं कालनेमि प्राथमिक अवस्था में अपने चाल-चरित्र से समाज का नुकसान करना प्रारंभ करेंगे तो आप उन्हें राजनीतिक संरक्षण दोगे, उनके चरण छूओगे, सत्ता सुख पाने के लिए इनसे मदद भी लोगे, संग-संग सेल्फी लोगे। यहीं नहीं नेता तो नेता, मीडिया भी इनसे आर्थिक मदद लेकर अपनी शक्ति में इजाफा करेगा तो ऐसे में समाज में रह रहे वैसे लोग जो ये सब शुरु से ही देखते रहे हैं

Read More
राजनीति

तू डाल-डाल, हम पात-पात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की रातों की नींद उड़ा दी हैं, झारखण्ड भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने, ये हैं – राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और दूसरे खाद्य आपूर्ति व संसदीय मंत्रालय संभाल रहे सरयू राय। फिलहाल ये दोनों राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में उपज रहे अंसतोष, बढ़ती नौकरशाही, बढ़ता भ्रष्टाचार और जनता में रघुवर दास के प्रति बढ़ रही नफरत को लेकर चिंतित है,

Read More
अपनी बात

लोग बाढ़ से मर रहे हैं और लालू को सत्ता की पड़ी है

पूरा बिहार बाढ़ से त्रस्त है, और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनका परिवार 27 अगस्त की पटना की रैली को लेकर बेचैन है। रैली में आने के लिए लोगों को आह्वान किया जा रहा है। नई-नई लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, माहौल ऐसा बना दिया गया है, जैसे बिहार में चुनाव हो।

Read More
अपनी बात

अरे यहीं तो पटना है…

आज सबेरे-सबेरे पटना पहुंचा हूं। नरक बना दिया है, यहां के निवासियों और यहां की राज्य सरकार ने। जहां देखों गंदगी, जहां देखो जाम, जहां देखो सड़कों पर दुकान। मुर्गे और बकरे तो यहां सडकों पर ही काट दिये जा रहे है। कोई बोलनेवाला नहीं, कोई देखनेवाला नहीं। जहां देखिये वहीं भीखमंगे, क्या मंदिर-क्या मस्जिद, सभी जगह ये बैठकर भारत और बिहार की सही तस्वीर बनकर, पटना की शोभा बढ़ा रहे हैं।

Read More
धर्म

जब पार्वती ने अपनी तप-साधना से शिव का आसन हिला दिया

बिहार और बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भाद्रपद शुक्लपक्ष तृतीया तिथि को हरितालिका व्रत बड़ी संख्या में सौभाग्यवती महिलाएं किया करती है। कई जगहों पर कुंआरी कन्याएं भी इस व्रत को रखती है। कहा जाता है कि इस व्रत को सर्वप्रथम पार्वती ने अपनी सहेलियों के साथ किया था।

Read More
अपराध

स्वास्थ्यमंत्री चंद्रवंशी जी, यह अपराध है, इसे क्षमा नहीं किया जा सकता

आज एक बार फिर झारखण्ड में अमानवीय घटना घट गई, एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की ढोंग करनेवाली सरकार और उसके स्वास्थ्य अधिकारियों ने उक्त गर्भवती महिला की एक नहीं सुनी, उसको एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराया। आखिर उक्त महिला का कसूर क्या था?  आखिर ये स्वास्थ्य केन्द्र और एंबुलेंस किसलिये हैं?

Read More
राजनीति

विधानसभा में तो सत्ता में भाजपा को आने नहीं देंगे, लोकसभा में भी सोचेंगे कि किसे वोट दिया जाय?

16 घंटे बीत चुके है,  मुख्यमंत्री रघुवर दास, अपने सोशल साइट फेसबुक पर क्या कह रहे हैं? जरा पढ़िये। उसके तुरंत बाद जनता का रिएक्शन भी देखिये, कि जनता का मुख्यमंत्री रघुवर दास और उनके कारनामे पर क्या कमेंट्स हैं। पता लग जायेगा कि जनता पर मुख्यमंत्री रघुवर दास की कितनी पकड़ हैं? सीएम की ब्रांडिंग कर रहे, सोशल साइट्स देख रहे लोग, कैसे सीएम की बातों को जनता के बीच रख रहे हैं?

Read More
अपनी बात

इधर बच्चे लापरवाही के कारण मर रहे हैं और उधर जनाब को अपनी ब्रांडिंग की पड़ी हैं

जिस राज्य में एक रुपये की दवा तक सरकार उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं, जहां बच्चे एक रुपये की दवा के अभाव में दम तोड़ देते है। जहां राजधानी में मात्र पचास रुपये के लिए सिटी स्कैन नहीं हो पाता और बच्चा समुचित इलाज के अभाव में दम तोड़ देता है। जहां शव ले जाने की एंबुलेस की भी सुविधा नहीं और परिवार अपने बच्चे के शव को कंधे पर ले जाने के लिए विवश हैं, उस राज्य का नाम हैं झारखण्ड

Read More
अपनी बात

सर्वोच्च न्यायालय का फैसला – तीन तलाक अमान्य-असंवैधानिक

आज पूरे देश की नजर सर्वोच्च न्यायालय पर थी, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय तीन तलाक पर अपना फैसला सुनानेवाला था। लीजिये सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आ चुका है। सर्वोच्च न्यायालय ने तीन तलाक को अमान्य और असंवैधानिक करार देते हुए, केन्द्र सरकार को कहा है कि वह तीन तलाक को लेकर 6 माह के भीतर कानून बनायें।

Read More