वाह रे अधिकारी, वाह रे झारखण्ड का आइपीआरडी, वाह रे मुख्यमंत्री का विभाग, वाह रे विज्ञापन बनानेवाले और वाह रे विज्ञापन प्रकाशित करनेवाले नमूने…
झारखण्ड सरकार ने विगत 13 जून को कैबिनेट से पास कर दिया कि मात्र एक रुपये में 50 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री राज्य की महिलाएं अपने नाम करा सकती है, इस दस्तावेज पर निबंधन शुल्क भी देय नहीं होगा। संपत्ति का मूल्य 50 लाख से अधिक होने पर उपरोक्त राशि पर मुद्रांक व निबंधन शुल्क लगेगा। महिला-पुरुष के संयुक्त क्रेता होने पर छूट मान्य नहीं होगी। एक बार की खरीद पर ही यह छूट महिलाओं को प्राप्त होगी।

खूब बरसेंगे। तृप्त होगी भारत की धरती। अच्छी होगी फसल। पूरे भारत में अच्छी बारिश के संकेत दे रहे है, इस बार बारिश के नक्षत्र। भारतीय मणीषी प्राचीन काल से, नक्षत्रों के आधार पर, उनका विश्लेषण करते हुए, पूर्व में बारिश की भविष्यवाणियां किया करते थे, और ये बाते पूर्णतः सत्य साबित होती थी।

झारखण्ड में भीड़ का कानून, भीड़ का शासन चल रहा है। इस भीड़ तंत्र ने अब तक 12 लोगों की जान ले ली है, कौन कब कहां, भीड़ का शिकार हो जायेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। ये भीड़तंत्र अपराधियों की जमात है, जो राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रही है। इस भीड़तंत्र के शिकार हर समुदाय के लोग हो रहे है

1 जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू होने जा रहा है, इसकी पूरी तैयारियां कर ली गयी है, पूरे ताम-झाम के साथ संसद के केन्द्रीय हॉल में एक समारोह आयोजित कर आज संसद में आधी रात को जीएसटी का घंटा बजेगा और फिर पूरे देश में एक प्रकार का कर-प्रणाली लागू हो जायेगा।

याद करिये 1990 का समय। जो लालू प्रसाद बोले, वहीं होना है। जो लालू प्रसाद के खिलाफ बोले, उनकी राजनीतिक हैसियत भी खत्म, क्योंकि ये वह समय था, जब बिहार का एक बहुत बड़ा वर्ग लालू प्रसाद के पीछे मजबूती से खड़ा था। इसी मजबूती के आधार पर लालू प्रसाद ने कहा था कि वे बिहार में 20 वर्ष तक राज्य करेंगे, पर आज उनसे यह कोई सवाल पूछे कि क्या आपने बिहार में 20 वर्ष तक शासन किया?

रघुवर सरकार ढाई साल की हो गयी, इस सरकार ने जनता के लिए क्या किया? और क्या नहीं किया? क्या होना चाहिए? कहां पिछड़ रही है? जनता की आशाओं के अनुरुप सरकार है भी या नहीं? इसका चिन्तन करना जरुरी है, क्योंकि भारत में मात्र पांच वर्ष ही जनता, किसी दल अथवा सरकार को देती है

राजभवन ने सीएनटी-एसपीटी संशोधन प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इसे पुनः विचारार्थ राज्य सरकार को भेजा है, विपक्ष इसे अपनी जीत बता रहा है, वहीं सरकार के लोग इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे है, राजनीतिक पंडित राजभवन के इस फैसले और समय को लेकर कुछ शक कर रहे है,

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर बता दिया कि वे चाहे किसी के भी समर्थन से सरकार क्यों न चला रहे हो? पर जहां तक नीति और सिद्धांत की बात है, वे किसी से नीति और सिद्धांत को उधार नहीं लेंगे, उनकी अपनी नीति है, उस पर चलते रहेंगे, चाहे उसके कुछ भी परिणाम क्यों न निकल जाये?

आज अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस है, सभी ने खुब योग करके विभिन्न मैदानों में पसीने बहाये है, खुब योग की खुबियां गिनाई है, योग के प्रचार-प्रसार के लिए कई झूठे-सच्चे संकल्प किये है

शर्मनाकः

चुनाव आयोग ने झारखण्ड के मुख्य सचिव को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार और एडीजी स्पेशल ब्रांच अनुराग गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश

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