वासांसि जीर्णानि यथा विहाय… मुझे विश्वास है कि सतीश नये रुप में अपने अधूरे कार्यों को पूरा करने फिर लौटेंगे
पता नहीं क्यों? श्रीमद्भगवद्गगीता पर हमारा अटूट विश्वास या सतीश वर्मा के प्रति मेरी श्रद्धा, मेरा दिल कहता है कि सतीश वर्मा फिर लौटेंगे, वे अपने अधूरे कार्यों को नये सिरे से पूरा करने को। श्रीमद्भगवद्गीता जो लोग पढ़े हैं, वे जानते है कि प्रत्येक जीवात्मा शरीर न होकर एक आत्मा है, जो निरन्तर अपने आपको उच्चतर श्रेणी में ले जाने के लिए नये-नये रुपों में अवतरित होते रहते हैं और ये सिलसिला तब तक चलता रहता है,
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