Author: Krishna Bihari Mishra

अपनी बात

कलक्टर बनने के लिए 100 और चपरासी बनने के लिए 500 रुपये का फार्म भरिये

‘भाइयों और बहनों, योग्यता के अनुरुप युवाओं को नौकरी मिलनी चाहिए या नहीं’, यह संवाद जैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार के विधानसभा चुनाव के दौरान बोलते हैं भीड़ से आवाज आती हैं – हां। ‘बेरोजगारों को नैसर्गिक न्याय मिलना चाहिए या नहीं, भीड़ से आवाज आती हैं’ – हां, पर जैसे ही नरेन्द्र मोदी सत्ता से चिपकते हैं, वे भूल जाते हैं कि उन्होंने बेरोजगार युवकों से कुछ वायदे भी किये थे।

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राजनीति

जब सरकार आपके साथ हैं, तो फिर क्या? सरकारी जमीन लूटिये और कब्जा जमाइये

उन तमाम लोगों को बधाई, जो सरकारी जमीनों का अतिक्रमण कर, अपना आशियाना बनाते हैं, खटाल बनाते हैं, अपने गांवों और पुश्तैनी जमीनों को छोड़ शहरों में अवैध रुप से बसते हैं, और खुद को गरीब बताते हुए सरकारी जमीन पर आराम से कब्जा जमाते हैं। बधाई उन्हें भी जो उपरवाले के नाम पर बच्चे पैदा करते हैं, और उन बच्चों को पढ़ाना-लिखाना छोड़, वह सारे काम कराते हैं, जो उनके दिल में होता हैं और सरकारी प्रतिष्ठानों की जमीन पर कब्जा जमा लेते हैं।

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अपराध

झारखण्ड सरकार ने ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ को किया प्रतिबंधित

झारखण्ड सरकार ने राज्य के कुछ इलाकों में सक्रिय पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नामक संगठन को सीएलए एक्ट 1908 की धारा 16 के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है। इस संगठन को प्रतिबंधित करने के लिए पुलिस विभाग/गृह विभाग के प्रस्ताव पर विधि विभाग की सहमति प्राप्त होने के उपरांत यह कार्रवाई की गई है। पीएफआई संगठन फिलहाल पाकुड़ जिले में सर्वाधिक सक्रिय है।

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राजनीति

शत्रुघ्न ने पीएनबी घोटाले पर मोदी सरकार को घेरा, जेटली ने आडिटर्स को दोषी ठहराया

पंजाब नेशनल बैंक-नीरव मोदी कांड और रोटोमैक-कोठारी कांड स्पष्ट रुप से बता रहा हैं कि भारत आर्थिक आतंकवाद की चपेट में आ गया है। इस आर्थिक आतंकवाद से भारत को मुक्त करने के लिए मोदी सरकार इनसे जुड़े छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार करने में लगी है, क्योंकि जिन्होंने गड़बड़ियां की हैं, उनके मालिकों को गिरफ्तार करने की ताकत मोदी सरकार में नहीं है

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अपनी बात

काश, भारत का युवा ‘मोदी-मोदी’ की जगह ‘देश-देश’ चिल्लाया होता

सचमुच अगर भारत का युवा ‘मोदी-मोदी’ की जगह ‘देश-देश’ चिल्लाया होता, तो देश की ऐसी नौबत नहीं होती, कोई नीरव मोदी, कोई विजय माल्या देश को धोखे में रखकर, अपना उल्लू सीधा कर, विदेश में जाकर नहीं बस जाता। हम भारतवासियों को किसी पर कुछ ज्यादा ही विश्वास हो जाता हैं, और यह विश्वास तब तक रहता है, जब तक वह हमें पूरी तरह से नंगा नहीं कर दें,

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फिल्म

जो सरकार ने नहीं किया, वह निजी संस्थाओं ने किया, 240 छात्राओं को दिखाई ‘पैडमैन’

आज ही हमें एक जगह पढ़ने को मिला, कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय ओरमांझी की 240 छात्राओं को गत सोमवार को रांची के स्प्रिंग सिटी मॉल स्थित फन सिनेमा में फिल्म पैडमैन दिखाई गई। इस फिल्म को दिखाने के बाद उनके बीच 3000 सेनेटरी नैपकिन भी बांटे गये। यह भी पता चला कि फिल्म दिखाने की व्यवस्था रांची पुलिस, राइजअप व झारखण्ड फिल्म एंड थियेटर एकेडमी की ओर से की गई थी।

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अपनी बात

ड्राइवर की सुझबूझ से धनबाद के पास तूफान एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन होने से बची

ड्राइवर विद्युत मंडल सह चालक अंकित कुमार की सुझबूझ के कारण धनबाद रेल मंडल में एक बहुत बड़ी दुर्घटना होते-होते बच गई। दरअसल हावड़ा-श्रीगंगानगर उद्यानआभा तूफान एक्सप्रेस की एसएलआर बॉगी में आग लग गई, जब वह थापरनगर केबिन से आगे की ओर निकली, चालक को जैसे ही आग लगने की सूचना मिली। उसने शीघ्रता से ट्रेन को रोककर, एसएलआर बॉगी को अलग किया और इस प्रकार तूफान एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन होने से बच गई

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अपनी बात

कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के नाम पर कम से कम ईमानदारी बरतना जरुरी

अगर आज का प्रभात खबर आप देखें तो आपको प्रथम पृष्ठ देखते ही लगेगा कि प्रभात खबर ने क्रांति कर दी है, इस क्रांति में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की अवधारणा और डा. राम मनोहर लोहिया के अंतिम वंचित तबके को गांव में ही विकास की अवधारणा में परिभाषित करने के विचार को प्रवेश करा दिया गया हैं। बात सीएसआर इनिशिएटिव की हो रही है, सीएसआर इनिशिएटिव मतलब –

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राजनीति

रांची नगर निगम मेयर पद के लिए आशा लकड़ा हो सकती है भाजपा उम्मीदवार

इस बार रांची नगर निगम का चुनाव दलगत आधार पर होना सुनिश्चित है, विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर रांची नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर पद पर कब्जा जमाने की है। वर्तमान में मेयर पद पर आशा लकड़ा और डिप्टी मेयर पद पर संजीव विजयवर्गीय का कब्जा हैं। ये दोनों हालांकि स्वतंत्र रुप से पिछली बार चुनाव लड़े थे।

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अपनी बात

प्रेस क्लब को जनसामान्य के बेटे-बेटियों की शादी के लिए भी अपना द्वार खोल देना चाहिए

जिन्हें भी अपने बेटे या बेटियों की शादी-विवाह समारोह संपन्न कराने के लिए स्थल की दिक्कतें आ रही हैं, वे रांची प्रेस क्लब में अपने बेटे या बेटियों की शादी संपन्न करा सकते हैं, शादी ही क्यों? मुंडन, चूड़ाकरण, बेटे-बेटी का इंगेजमेंट, डीजे का आनन्द या कोई पार्टी के लिए भी आप रांची प्रेस क्लब का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसकी शुरुआत कल एक शादी समारोह से प्रारंभ हो चुकी हैं,

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